उपनाम: पारंपरिक स्वाद
सफलता की कहानी: घर से शुरू हुआ छोटा सा सफर, आज शहर का मशहूर ब्रांड बना ओम नमकीन भंडार
खंडवा के देवनारायण चौक पर स्थित ओम नमकीन भंडार ने 45 वर्षों में अपनी शुद्धता और स्वाद से एक खास पहचान बनाई है। अब पिता की विरासत को उनके बेटे नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
बिलासपुर के देवकीनंदन चौक पर मिल रहा है बचपन का स्वाद, लोग दूर-दूर से चखने आ रहे बोईर रोटी और गुड़-बेर
बिलासपुर के देवकीनंदन चौक पर पप्पू ठाकुर पिछले कई सालों से पारंपरिक बोईर रोटी और गुड़-बेर बेचकर लोगों को बचपन की यादें ताजा करा रहे हैं। बेमौसम भी उपलब्ध इन खास देसी व्यंजनों की लोकप्रियता इतनी है कि रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक यहां पहुंच रहे हैं।
पाली का सराफा बाजार: नमकीन के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं, मिलती हैं 100 से ज्यादा वैरायटी
राजस्थान के पाली में स्थित सराफा बाजार अपनी लाजवाब नमकीन के लिए मशहूर है, जहां ग्राहकों की पसंद के अनुसार ऑन-डिमांड स्वाद तैयार किया जाता है।
छपरा की 50 साल पुरानी लस्सी: मिट्टी के कुल्हड़ में परोसे जाने वाले इस स्वाद के दीवाने हैं लोग
बिहार के सारण जिले में छपरा की यह मशहूर लस्सी साल 1974 से अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
मुजफ्फरपुर की 56 साल पुरानी मशहूर लस्सी! तीन परतों वाली गुप्ता जी की लस्सी का स्वाद आज भी सबको दीवाना बना रहा
मुजफ्फरपुर में वर्ष 1970 से चली आ रही गुप्ता जी की तीन परतों वाली खास लस्सी आज तीसरी पीढ़ी तक पहुंच चुकी है। कभी 75 पैसे में बिकने वाला यह ग्लास आज 85 रुपये का है, मगर इसकी लोकप्रियता जस की तस बनी हुई है।
₹2 से शुरू हुई फिरोजाबाद की 'सुराही वाली कुल्फी', तीन पीढ़ियों से कायम है वही स्वाद, मुंबई-दिल्ली तक फैले हैं दीवाने
कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद के घंटाघर इलाके की यह कुल्फी पिछले 40 सालों से अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए जानी जाती है। मिट्टी के कुल्हड़ और सुराही में परोसी जाने वाली इस रबड़ेदार कुल्फी के दीवाने स्थानीय लोगों से लेकर बड़े महानगरों तक...