जीवनशैली
2 महीने पहले
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विचारों
पारंपरिक छत्तीसगढ़ी जायके का अनोखा मेल
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई अपनी सादगी और देसी स्वाद के लिए पूरे देश में जानी जाती है। यहाँ के व्यंजनों में न केवल स्वाद होता है, बल्कि ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। बरसात के मौसम में जब चटपटा और गर्मागर्म खाने का मन होता है, तब छत्तीसगढ़ की मशहूर ढेस कांदा और मसूर की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। यह डिश न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि बनाने में भी बहुत आसान है। गांव से लेकर शहरों तक, लोग इसे रोटी और चावल के साथ खाना बहुत पसंद करते हैं। यदि आप भी अपने खाने में कुछ नया और पारंपरिक स्वाद शामिल करना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए ही है।
सब्जी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट और सेहतमंद छत्तीसगढ़िया डिश को तैयार करने के लिए आपको बहुत ही साधारण सामग्री की आवश्यकता होती है जो आसानी से आपकी रसोई में मिल जाएगी। इसके लिए आपको मुख्य रूप से ढेस कांदा, एक कप खड़ा मसूर, टमाटर, नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, तेल, जीरा, कड़ी पत्ता, लहसुन, प्याज और सूखी लाल मिर्च की जरूरत होगी। ये सभी सामग्रियां मिलकर इस सब्जी को एक अद्भुत स्वाद प्रदान करती हैं।
विधि: कैसे तैयार करें ढेस कांदा-मसूर की सब्जी
सबसे पहले ढेस कांदा को अच्छी तरह साफ कर लें। इसे गोल-गोल टुकड़ों में काटें और पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि इसकी गंदगी निकल जाए। इसके बाद एक कप खड़ा मसूर लें। अब एक प्रेशर कुकर में आवश्यकतानुसार पानी लें और इसमें धुले हुए ढेस कांदा और मसूर को डाल दें। अब इसमें स्वाद के अनुसार नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और कटे हुए टमाटर डाल दें। कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर तीन सीटी आने तक इसे पकाएं। जब कुकर का दबाव खत्म हो जाए, तो ढक्कन खोलकर इसे एक बर्तन में निकाल लें।
तड़के से बढ़ाएं सब्जी का स्वाद
सब्जी को असली छत्तीसगढ़िया स्वाद देने के लिए देसी तड़का बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए एक कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए, तो इसमें जीरा और कड़ी पत्ता डालकर चटकाएं। अब इसमें बारीक कटा हुआ लहसुन, प्याज और सूखी लाल मिर्च डालें। इन सभी चीजों को सुनहरा होने तक अच्छी तरह भूनें। अंत में, कुकर में पकी हुई ढेस कांदा और मसूर की सब्जी को इस तड़के वाली कड़ाही में पलट दें। इसे कुछ मिनट तक धीमी आंच पर मिलाएं ताकि मसालों का स्वाद सब्जी में अच्छी तरह घुल-मिल जाए।
सेहत और स्वाद का बेहतरीन तालमेल
यह पारंपरिक व्यंजन केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों के लिए भी जाना जाता है। मसूर की दाल प्रोटीन और फाइबर का एक बहुत अच्छा स्रोत है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। वहीं ढेस कांदा भी अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। यही कारण है कि बरसात के दिनों में छत्तीसगढ़ के घरों में यह डिश विशेष रूप से बनाई जाती है। यह रोटी और चावल दोनों के साथ खाने में बहुत ही लाजवाब लगती है। अगर आप भी बरसात के मौसम का आनंद लेना चाहते हैं, तो इस छत्तीसगढ़िया रेसिपी को अपने घर पर जरूर आजमाएं।
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