छपरा की मशहूर 'एटम बम' मिठाई: 1953 से शुद्ध छेना की पहचान, हिरोशिमा हमले से जुड़ा अनोखा नाम; तीसरी पीढ़ी संभाल रही कारोबार, रोज 50 किलो बिक्री जीवनशैली एक महीने पहले 25
छपरा के मांझी प्रखंड स्थित ताजपुर बाजार की 'एटम बम' मिठाई अपनी शुद्धता और स्वाद के कारण न सिर्फ जिले बल्कि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक मशहूर है। 1953 से शुरू हुई इस विरासत को अब परिवार की तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है।

छपरा जिले में कई ऐसे ग्रामीण बाजार मौजूद हैं, जहां के व्यंजन अपनी शुद्धता और बेहतरीन स्वाद के बल पर बड़े महानगरों तक अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। ऐसा ही एक नाम है मांझी प्रखंड के ताजपुर बाजार का, जहां बनने वाली मिठाई जिले के हर कोने के लोगों की पसंद बन चुकी है।

दूर-दूर तक फैली स्वाद की धूम

यहां की मिठाई का स्वाद सिर्फ स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत कई बड़े शहरों में रहने वाले लोग भी इस बाजार से मिठाई खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं। इसी लोकप्रियता के चलते यह छोटा-सा ग्रामीण बाजार दूर-दराज तक चर्चा में रहता है।

नाम में छिपी अनोखी कहानी

इस मिठाई की सबसे खास बात इसका बेहद अनूठा नाम है। यहां की यह मिठाई 'एटम बम' के नाम से प्रसिद्ध है, और यही अनोखा नाम लोगों को इसकी ओर खींच लाता है। शुद्ध छेना से तैयार होने वाली यह मिठाई 1953 से लोगों की जुबान पर अपना स्वाद छोड़ती आ रही है।

तीसरी पीढ़ी के हाथों विरासत

इस पुश्तैनी कारोबार को अब एक परिवार की तीसरी पीढ़ी संभाल रही है। पूर्वजों से मिली इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए परिवार आज भी उसी शुद्धता और परंपरा को कायम रखे हुए है, जिसके दम पर यह मिठाई दशकों से अपनी पहचान बनाए हुए है। मौजूदा समय में यहां रोजाना करीब 50 किलो मिठाई की बिक्री होती है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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