जीवनशैली
3 घंटे पहले
5
विचारों
बिहार की खास रेसिपी जो बढ़ाएगी आपके भोजन का जायका
भारतीय रसोई में चटनी का एक अलग ही स्थान है। भोजन की थाली में अगर थोड़ी सी चटनी मिल जाए, तो खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। आपने अब तक पुदीना, धनिया, टमाटर या इमली की कई तरह की चटनियां चखी होंगी, लेकिन क्या आपने कभी काले तिल की चटनी का स्वाद लिया है? यदि नहीं, तो आपको इसे एक बार जरूर आजमाना चाहिए। यह बिहार, विशेषकर मिथिलांचल की एक बेहद खास और पारंपरिक रेसिपी है। इसका स्वाद न केवल बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी यह एक लाजवाब विकल्प है।
इस चटनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी शेल्फ लाइफ बहुत लंबी होती है। आप इसे आसानी से 15 दिन, 20 दिन या 1 महीने तक सुरक्षित रखकर खा सकते हैं। जब कभी आप जल्दबाजी में हों और सब्जी बनाने का समय न हो, तो केवल नमक, मिर्च और काले तिल से बनी यह स्वादिष्ट चटनी आपके खाने का स्वाद बढ़ा सकती है। इसे पराठा, दाल-चावल या फिर दही-चूड़ा के साथ बेहद चाव से खाया जाता है। इसके अलावा, काले तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में बेहद मददगार साबित होता है।
दही-चूड़ा के साथ मिथिलांचल का खास कॉम्बिनेशन
मिथिलांचल में दही-चूड़ा खाने का एक खास चलन है। वहां के लोग दही-चूड़ा बड़े चाव से खाते हैं। ऐसे में अगर मीठे दही-चूड़े के साथ कुछ तीखा और नमकीन खाने का मन करे, तो लोग मिथिलांचल स्टाइल में बनी काले तिल की चटनी को प्राथमिकता देते हैं। इस चटनी को एक बार तैयार करके लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
यदि इस चटनी को पारंपरिक तरीके से सिलबट्टे पर पीसा जाता है, तो आप इसका आनंद 5 से 7 दिनों तक ले सकते हैं। वहीं, अगर आप इसे ओखली में सूखा कूटकर तैयार करते हैं, तो यह सूखी चटनी लगभग 1 महीने तक खराब नहीं होती है। पुराने समय में हमारी दादी-नानी इस चटनी को किस तरह तैयार करती थीं, इसकी पारंपरिक विधि को प्रसिद्ध स्थानीय जानकार वीणा देवी ने विस्तार से साझा किया है।
विधि 1: सिलबट्टे या मिक्सर में पीसकर बनाएं चटपटी चटनी
काले तिल की चटनी को दो अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है। पहला तरीका सिलबट्टे या मिक्सर जार में पीसकर गीली चटनी बनाने का है, जबकि दूसरा तरीका इसे सूखा रोस्ट करके ओखली में कूटने का है। दोनों ही विधियों के लिए तिल को भूनना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। नीचे सिलबट्टे या मिक्सी की मदद से चटनी बनाने की पूरी विधि दी गई है:
- सबसे पहले काले तिल को अच्छी तरह साफ कर लें और फिर उसे तवे या कढ़ाई में सूखा भून (रोस्ट) लें।
- भूनने के बाद तिल को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें। चूंकि तिल में अपना प्राकृतिक तेल होता है, इसलिए इसे भूनने के लिए अलग से तेल की आवश्यकता नहीं होती है।
- चटनी को पीसने के लिए रोस्ट किए गए तिल को मिक्सर जार या सिलबट्टे पर रखें।
- अगर आप इस चटनी को अगले 4-5 दिन में समाप्त करना चाहते हैं, तो इसमें लहसुन, हरी मिर्च, अदरक और स्वादानुसार नमक मिलाएं।
- इन सभी सामग्रियों को एक साथ अच्छी तरह पीस लें।
- पीसने के बाद इसमें ऊपर से आधा चम्मच सरसों का तेल डालें। आपकी स्वादिष्ट चटनी तैयार है।
ध्यान रखें कि मिक्सी में पिसी गई चटनी और सिलबट्टे पर पिसी गई चटनी के स्वाद में थोड़ा अंतर होता है, आप अपनी सुविधा के अनुसार कोई भी तरीका चुन सकते हैं।
विधि 2: 20 दिनों तक चलने वाली सूखी चटनी बनाने का तरीका
अगर आप इस चटनी को लंबे सफर पर ले जाना चाहते हैं या फिर इसे 20 दिनों तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आपको सूखी चटनी बनानी चाहिए। इसे बनाने का तरीका भी बेहद आसान है:
- काले तिल को अच्छी तरह से भून लें।
- अब भुने हुए तिल को मूसल या मिक्सर जार में डालें।
- इसमें थोड़ा सा नमक, हरी मिर्च और अदरक डालकर सूखा ही दरदरा पीस लें।
- इसके बाद, इसमें थोड़ा सा शुद्ध सरसों का तेल मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स कर लें।
- इस तैयार सूखी चटनी को किसी साफ और सूखे कांच के बर्तन में भरकर रख लें। आप इसे 15 दिन, 20 दिन या 1 महीने तक आराम से खा सकते हैं।
एक जरूरी सावधानी: यदि आप सूखी चटनी को लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं, तो इसमें भूलकर भी लहसुन न डालें। लहसुन डालने से इसकी शेल्फ लाइफ कम हो जाती है और इसे केवल दो-तीन दिन ही सुरक्षित रखा जा सकता है, उससे ज्यादा नहीं।
Comments
0 comment