भारतीय नौसेना को मिला INS निपुण, समंदर की गहराइयों में अब और मजबूत होगा भारत भारत 2 घंटे पहले 10
भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा करते हुए INS निपुण को आधिकारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया है, जो गहरे समुद्र में चुनौतीपूर्ण मिशनों को पूरा करने में सक्षम है।

समुद्र की गहराइयों का नया रक्षक

भारतीय नौसेना को सोमवार के दिन एक बेहद शक्तिशाली और आधुनिक जहाज मिला है, जिसका नाम INS निपुण है। यह जहाज समंदर की अथाह गहराई में किसी भी तरह के जटिल मिशन को अंजाम देने की अनूठी क्षमता रखता है। विपरीत परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच भी यह जहाज पूरी तरह स्थिर रहने में सक्षम है, जिससे नौसेना को समुद्र के भीतर संचालन में बड़ी मदद मिलेगी। यह जहाज न केवल डूबी हुई पनडुब्बियों और संकट में फंसे नौसैनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में माहिर है, बल्कि पानी के नीचे मौजूद खराब मशीनों और जहाजों की मरम्मत करने में भी सक्षम है। इसके शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्र की गहराई में निगरानी और बचाव कार्य की ताकत कई गुना बढ़ गई है। आज मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड में इसे औपचारिक तौर पर नौसेना के बेड़े में कमीशन कर दिया गया है।

स्वदेशी तकनीक का अनूठा उदाहरण

INS निपुण की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वदेशी होना है। इस जहाज का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से भारत में निर्मित है। इसके निर्माण में देश के विभिन्न उद्योगों और MSMEs की बड़ी भूमिका रही है, जिसने रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता को काफी कम किया है। यह जहाज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।

क्या है INS निपुण की प्रमुख जिम्मेदारियां

यह कोई पारंपरिक युद्धपोत नहीं है, बल्कि इसका मुख्य कार्य समुद्र की सतह से नीचे की चुनौतियों से निपटना है। इसके कंधों पर गहरे पानी में गोताखोरी, पनडुब्बी बचाव, पानी के भीतर निगरानी रखना और मलबे को हटाने जैसे कठिन मिशनों की जिम्मेदारी होगी। जहां सामान्य जहाज अपनी सीमाओं के कारण नहीं पहुंच पाते, वहां INS निपुण अपनी विशेषज्ञता के साथ काम करेगा। इससे पहले इसी साल जुलाई में भारतीय नौसेना ने एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में निपुणता रखने वाले 'मालवन' को भी अपने बेड़े में शामिल किया था।

INS निपुण की मुख्य विशेषताएं

  • यह गहरे समुद्र में बचाव कार्यों के लिए एक मदर शिप के तौर पर काम करता है।
  • समुद्र में संकट में फंसी पनडुब्बी या नौसैनिकों के बचाव में बेहद प्रभावी है।
  • अत्याधुनिक गोताखोरी प्रणालियों से लैस है।
  • गहराई में लंबे समय तक सुरक्षित रहकर काम करने की उन्नत सुविधा इसमें मौजूद है।
  • समुद्र की सतह के नीचे मरम्मत करने में पूरी तरह सक्षम है।
  • मलबे की खोज और खोई हुई मशीनों को समुद्र तल से बाहर निकालने में माहिर है।
  • पानी के भीतर चलने वाले रिमोट कंट्रोल रोबोट्स इसमें मौजूद हैं।
  • गहरे जल क्षेत्रों में निगरानी रखने और डेटा जुटाने का काम कर सकता है।
  • इसमें मॉडर्न डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम लगाया गया है।
  • खराब मौसम और तेज समुद्री लहरों के बीच भी यह जहाज पानी पर अडिग और स्थिर रह सकता है।
देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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