छत्तीसगढ़ का खास जंगली फल कैथ: बरसात में मिलता है सिर्फ एक महीना, स्वाद और सेहत का अनूठा मेल जीवनशैली एक घंटा पहले 2
छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला कैथ इन दिनों बिलासपुर के बाजारों की रौनक बढ़ा रहा है, जो अपने खट्टे-मीठे जायके और औषधीय गुणों के लिए बेहद लोकप्रिय है।

बरसात के मौसम में जंगलों की सौगात

छत्तीसगढ़ में मानसून का आगमन होते ही स्थानीय बाजारों में मौसमी और पारंपरिक फलों की बहार आ जाती है। इन दिनों बिलासपुर शहर के प्रमुख देवकीनंदन चौक पर एक खास जंगली फल लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसे कैथ के नाम से जाना जाता है। अपनी विशिष्ट खट्टी-मीठी सुगंध और स्वाद के कारण यह फल हर साल खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक फल है, जो केवल बरसात के समय ही जंगलों में पककर तैयार होता है।

रतनपुर के जंगलों से सीधे ग्राहकों तक

देवकीनंदन चौक पर कैथ बेच रहे विक्रेता पप्पू ठाकुर ने बताया कि यह फल रतनपुर क्षेत्र के घने जंगलों से बिलासपुर लाया जाता है। इस फल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे कहीं भी बोया नहीं जाता और न ही इसकी खेती करने की आवश्यकता होती है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक है और जंगलों में स्वतः ही उगता है। चूंकि यह फल साल में केवल बरसात के दौरान ही मिलता है, इसलिए लोग पूरे साल इसके बाजार में आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। शहर के लोग इस दुर्लभ स्वाद को चखने के लिए बड़ी संख्या में चौक पर जुट रहे हैं।

स्वाद और खाने के पारंपरिक तरीके

कैथ का स्वाद काफी अनूठा और खट्टा-मीठा होता है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को खूब भाता है। इसे खाने के अलग-अलग तरीके हैं। ज्यादातर लोग इसे नमक और लाल मिर्च के साथ खाना पसंद करते हैं, जिससे इसका चटपटा स्वाद और भी बढ़ जाता है। वहीं, कुछ लोग इसकी तीखी और स्वादिष्ट चटनी बनाकर इसका आनंद लेते हैं। बरसात की फुहारों के बीच इस तरह का पारंपरिक स्वाद लेना लोगों के लिए एक विशेष अनुभव की तरह है।

औषधीय गुणों से भरपूर कैथ

विक्रेता का मानना है कि कैथ केवल स्वाद में ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है। इसे एक आयुर्वेदिक फल माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग दशकों से इसे पाचन शक्ति को सुधारने और पेट को स्वस्थ रखने के लिए खाते आ रहे हैं। यह फल पेट संबंधी समस्याओं में मददगार साबित होता है, जिसके चलते लोग इसे स्वास्थ्यवर्धक मानकर खरीदते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य और उपचार से जुड़े किसी भी दावे के लिए हमेशा विशेषज्ञों या डॉक्टरों से परामर्श लेना चाहिए।

बाजार में क्या है दाम?

देवकीनंदन चौक पर बिक्री के लिए रखे गए कैथ को उनके आकार के अनुसार अलग-अलग कीमतों पर बेचा जा रहा है। ग्राहकों के लिए ये दो श्रेणियों में उपलब्ध हैं:

  • छोटा कैथ: 10 रुपये प्रति पीस
  • बड़ा कैथ: 20 रुपये प्रति पीस

इसकी किफायती कीमत और बेहतरीन स्वाद के कारण लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं और इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।

क्यों खास है यह अनुभव?

यदि आप छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और वहां के जंगलों की प्राकृतिक सौगात को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो बिलासपुर का देवकीनंदन चौक इन दिनों सबसे उपयुक्त जगह है। यह फल न केवल आपकी स्वाद ग्रंथियों को तृप्त करता है, बल्कि यह इस बात की भी याद दिलाता है कि प्रकृति हमें हर मौसम में कुछ न कुछ विशेष उपहार देती है। बरसात के एक महीने के छोटे से समय में मिलने वाला यह कैथ स्थानीय बाजार की पहचान बन चुका है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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