काकोली घोष की चिट्ठी से बंगाल की सियासत गरमाई, टीएमसी नेता इमरान पर लगाए संगीन इल्जाम; जांच की उठाई मांग भारत एक घंटा पहले 3
टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर पार्टी नेता इमरान के बांग्लादेशी कट्टरपंथी संगठनों से कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 20 सांसद बागी गुट के साथ खड़े हैं।

नई दिल्लीः टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विदेश मंत्रालय के नाम एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेता इमरान पर बेहद गंभीर आरोप मढ़े हैं। काकोली का कहना है कि इमरान के तार बांग्लादेश में सक्रिय कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री और विदेश मंत्रालय से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

अपने पत्र में सांसद ने आगाह किया है कि यदि इमरान पर लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो इसका असर राष्ट्रीय सुरक्षा, लोक प्रशासन और पड़ोसी मुल्कों के साथ भारत के रिश्तों पर गहरा पड़ सकता है।

पत्र में काकोली घोष ने क्या-क्या लिखा

काकोली घोष ने अपने पत्र में लिखा है, "टीएमसी नेता इमरान कथित तौर पर बांग्लादेश में सक्रिय कुछ चरमपंथी संगठनों से जुड़े रहे हैं। हालांकि इन खबरों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी सक्षम अधिकारियों को इनकी उचित जांच करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल में चिट-फंड कारोबार से जुटाए गए धन को पड़ोसी देशों की लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर करने के उद्देश्य से चलाई जा रही गतिविधियों में मोड़ा या इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एक निष्पक्ष जांच आवश्यक प्रतीत होती है।"

उल्लेखनीय है कि इमरान को पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी के समर्थन से राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। वह पहले भी सांसद रह चुके हैं।

बागी सांसदों की अगुवाई कर रही हैं काकोली

दूसरी ओर, टीएमसी में जारी गहरे संकट के बीच बागी नेता काकोली घोष ने गुरुवार को दावा किया कि 20 सांसद बागी गुट के साथ हैं और कई अन्य भी उनसे संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, "अभी तक 20 (टीएमसी) सांसद हैं, लेकिन यह संख्या और बढ़ सकती है। लोग हमसे बातचीत कर रहे हैं।"

काकोली घोष दस्तीदार ने यह भी दावा किया कि करीब 20 टीएमसी सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने का फैसला किया है और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपने इस रुख से अवगत करा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि वह आज भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनी हुई हैं और यह फैसला साथी सांसदों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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