रांची में साइलेंट किलर बना कोयले का चूल्हा, दम घुटने से मां और मासूम बेटे की मौत झारखंड एक महीने पहले 56
झारखंड की राजधानी रांची में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बंद कमरे में कोयले का चूल्हा जलता छोड़ देने से मां और उसके ढाई साल के बच्चे की जान चली गई।

कोयले के धुएं ने ली दो जिंदगियां

झारखंड की राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। रातू के चटकपुर स्थित शांतिनगर इलाके में एक मां और उसके ढाई साल के मासूम बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई। इस हादसे में घर के अन्य सदस्य, जिनमें एक बच्चा और एक युवती शामिल हैं, बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और अस्पताल में अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दुखद घटना के पीछे का कारण घर में रात के समय जलता हुआ छोड़ दिया गया कोयले का चूल्हा बना है।

क्या हुआ उस रात

बिहार के छपरा की रहने वाली 40 वर्षीय पिंकी देवी अपने परिवार के साथ चटकपुर के शांतिनगर में एक किराये के मकान में रहती थी। शुक्रवार की रात उसने कोयले के चूल्हे पर ही खाना तैयार किया था। खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य सोने चले गए। लापरवाही और अनजाने में पिंकी देवी जलते हुए कोयले के चूल्हे को घर के बाहर रखना भूल गई और उसे बंद कमरे के अंदर ही रहने दिया। कमरा पूरी तरह से बंद होने के कारण कमरे के भीतर जहरीली गैसें भर गईं।

सुबह हुआ हादसे का खुलासा

अगली सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिवार के लोगों को संदेह हुआ। महिला के ससुर ने किसी तरह दरवाजा तोड़ा और अंदर का मंजर देखकर दंग रह गए। वहां मौजूद सभी लोग बेहोशी की हालत में थे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने पिंकी देवी और उसके ढाई साल के बेटे को मृत घोषित कर दिया। दम घुटने के कारण उनकी जान गई थी।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती अन्य परिजन

इस हादसे में पिंकी देवी का साढ़े तीन साल का दूसरा बेटा और 17 वर्षीय ननद की स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। दोनों का अस्पताल में गहन इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त ननद ने होश में आने और दरवाजा खोलने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन जहरीले धुएं और दम घुटने की वजह से वह बेहोश हो गई थी।

पुलिस की जांच और मकान की स्थिति

सूचना मिलते ही रातू पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से वह कोयले का चूल्हा बरामद किया है, जो इस हादसे की मुख्य वजह बना। जांच में यह भी सामने आया है कि जिस कमरे में परिवार सो रहा था, वहां वेंटिलेशन यानी हवा के आने-जाने की कोई भी उचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते जहरीली गैस कमरे के अंदर ही जमा हो गई। मकान मालकिन के अनुसार, पिंकी देवी का परिवार पिछले तीन वर्षों से इसी मकान में किराए पर रह रहा था। पुलिस फिलहाल आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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