उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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घर की देखभाल का जिम्मा जिन पर सौंपा गया था, वही करोड़ों रुपये के जेवरात पर हाथ साफ कर गए। हैदराबाद के एक कारोबारी के यहां घरेलू कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे पति-पत्नी करीब 12 करोड़ रुपये कीमत के 7 किलो सोने और एक किलो चांदी के साथ नेपाल की ओर फरार हो रहे थे। मगर सतर्क पुलिस ने बिलासपुर थाना क्षेत्र में तीन लोगों को धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि इस वारदात में जीजा-जीजी के साथ साली भी बराबर की भागीदार थी। पुलिस के अनुसार आरोपी घरेलू कामकाज संभालते थे और मालिक की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उन्होंने पूरी वारदात को अंजाम दिया।
कब और कैसे खुला मामला
पूरा मामला हैदराबाद का है। यहां 7 जून को एक बड़े कारोबारी के घर से सोने-चांदी के जेवर गायब होने की जानकारी सामने आई। शुरुआत में यह पूरी तरह ब्लाइंड केस था, यानी पुलिस के पास न तो कोई प्रत्यक्ष गवाह था और न ही कोई स्पष्ट सुराग। तेलंगाना पुलिस अपने स्तर पर जांच में जुटी रही। इसी दौरान कुछ अहम सूचनाएं हाथ लगीं, जिन्हें रामपुर पुलिस के साथ साझा किया गया।
तकनीकी निगरानी से कसा शिकंजा
रामपुर के पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के मुताबिक, तेलंगाना पुलिस की टीम लगातार तकनीकी सर्विलांस के जरिये संदिग्धों की हरकतों पर नजर रखे हुए थी। लोकेशन के आधार पर यह जानकारी मिली कि कुछ संदिग्ध नेपाल की ओर बढ़ने की फिराक में हैं। इसके बाद तेलंगाना पुलिस और रामपुर पुलिस ने मिलकर संयुक्त कार्रवाई शुरू की।
बिलासपुर थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक बस को रोका गया। पुलिस के पास सूचना थी कि आरोपी बस के रास्ते नेपाल जा सकते हैं। तलाशी के दौरान बस में सवार तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे। पूछताछ और तलाशी में जो बरामदगी हुई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से करीब 7 किलो सोना और लगभग 1 किलो चांदी बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं। इनमें कमल और उसकी पत्नी पूनम हैदराबाद में कारोबारी के यहां घरेलू कर्मचारी के रूप में काम करते थे।
एक आरोपी अब भी फरार
जांच में यह भी सामने आया है कि इस वारदात में सुरेश थापा नाम का एक और व्यक्ति शामिल था, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में तेलंगाना पुलिस लगातार जुटी हुई है। माना जा रहा है कि चोरी की पूरी साजिश पहले से रची गई थी और वारदात के तुरंत बाद आरोपियों ने नेपाल भागने की योजना बना रखी थी।
नौकरों के सत्यापन पर पुलिस की हिदायत
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन की जरूरत को उजागर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने लोगों से अपील की कि घर में किसी भी नौकर या कर्मचारी को रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य कराएं और उसकी पृष्ठभूमि व गतिविधियों पर भी नजर रखें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता कई बार बड़े नुकसान से बचा सकती है।
रिमांड पर ले गई तेलंगाना पुलिस
करोड़ों रुपये के जेवर चोरी मामले में गिरफ्तार दंपती और उनकी साली को अब तेलंगाना पुलिस अपने साथ ले गई है। बुधवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड मंजूर हुई। इसके बाद तेलंगाना पुलिस उन्हें रामपुर से लेकर रवाना हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब एक महीने पहले ही कारोबारी के यहां काम पर लगे थे और घर की पूरी जानकारी होने के कारण वारदात को अंजाम देकर नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे।
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