छत्तीसगढ़
2 घंटे पहले
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राशन व्यवस्था में अहम बदलाव
छत्तीसगढ़ में सरकारी राशन वितरण की प्रक्रिया में सरकार ने एक बड़ा बदलाव लागू किया है। अब राज्य की राशन दुकानों पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से अनाज देने की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि राशन की कालाबाजारी और गड़बड़ियों को रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ जरूरी
अब राशन कार्ड धारकों को अनाज लेने के लिए स्वयं राशन दुकान पर उपस्थित होना होगा। खाद्य विभाग के निर्देशों के अनुसार, केवल आधार आधारित बायोमेट्रिक (Fingerprint) वेरिफिकेशन के बाद ही राशन का वितरण किया जाएगा। जो हितग्राही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए अपना अंगूठा लगाकर पहचान सिद्ध करनी होगी। यदि कोई नॉमिनी राशन लेने आता है, तो उसे भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना अनिवार्य होगा।
फर्जीवाड़े पर नकेल की तैयारी
सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ओटीपी सिस्टम का गलत फायदा उठाया जा रहा है। कई मामलों में लोग पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर आने वाले ओटीपी के जरिए फर्जी तरीके से राशन हड़प रहे थे और उसे खुले बाजार में बेच रहे थे। इस तरह के अनुचित लेनदेन को रोकने के लिए सरकार ने अब बायोमेट्रिक को अनिवार्य कर दिया है।
कुछ विशेष वर्गों को मिलेगी राहत
हालांकि, नई गाइडलाइन में कुछ श्रेणियों के लोगों को राहत भी दी गई है। निम्नलिखित स्थितियों में ओटीपी की सीमित सुविधा का उपयोग किया जा सकेगा:
- 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग।
- 10 साल से कम उम्र के बच्चे।
- एकल निराश्रित व्यक्ति।
- दिव्यांग हितग्राही।
नियम तोड़ने वालों पर होगी एफआईआर
सरकार ने इस नई व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यदि राशन दुकान संचालक इन नियमों का उल्लंघन करते हैं या बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के राशन वितरित करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे दुकानदारों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं ताकि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और जरूरतमंदों को उनका पूरा हक मिल सके।
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