BH सीरीज की पुरानी गाड़ियां खरीदने का रास्ता साफ, जानिए छत्तीसगढ़ सरकार के नए नियम छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 69
छत्तीसगढ़ सरकार बीएच (BH) सीरीज के वाहनों के ट्रांसफर और री-सेल से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिससे आम नागरिक भी अब इन गाड़ियों को खरीद सकेंगे।

बीएच सीरीज की री-सेल में आएगी आसानी

छत्तीसगढ़ में अब बीएच (BH) यानी भारत सीरीज की गाड़ियां खरीदना और बेचना पहले के मुकाबले काफी आसान होने वाला है। राज्य की सरकार इस सीरीज से संबंधित मौजूदा सख्त नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अभी तक बीएच सीरीज की गाड़ियों को दोबारा बेचने में काफी मुश्किलें आती थीं, क्योंकि इन गाड़ियों के खरीदार मिलना बहुत बड़ी चुनौती थी। इसका मुख्य कारण यह था कि हर कोई इस विशेष सीरीज के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं कर पाता था, जिससे आम खरीदार ऐसी गाड़ियां लेने से बचते थे।

नियमों में बदलाव से आम जनता को राहत

प्रदेश की सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। अब नए बदलावों के तहत, कोई भी आम नागरिक बीएच सीरीज की पुरानी गाड़ी खरीद सकेगा। सरकार जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करने वाली है। इस फैसले से उन वाहन मालिकों को बहुत राहत मिलेगी जो अपनी गाड़ी बेचना चाहते थे लेकिन पात्र खरीदार न मिलने के कारण फंस गए थे। हालांकि, नए नियमों के साथ कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं। यदि कोई सामान्य खरीदार बीएच सीरीज की पुरानी गाड़ी खरीदता है, तो उसे उस गाड़ी का बकाया टैक्स स्वयं भरना होगा।

सीजी सीरीज में होगा रजिस्ट्रेशन

नए नियमों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जब भी कोई सामान्य ग्राहक इस तरह की पुरानी गाड़ी खरीदेगा, तो उसे बीएच नंबर के स्थान पर छत्तीसगढ़ का अपना सीजी (CG) सीरीज का नंबर आवंटित किया जाएगा। इससे वाहन के हस्तांतरण और मालिकाना हक की प्रक्रिया कानूनी रूप से स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रांसफर के लिए आवेदनों में आई थी कमी

परिवहन विभाग के आंकड़ों और रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ समय से बीएच सीरीज के वाहनों के नाम ट्रांसफर करने में भारी गिरावट देखी गई है। विशेष रूप से सरगुजा और बस्तर संभागों की स्थिति यह है कि पिछले 2 वर्षों से बीएच सीरीज की किसी भी गाड़ी के ट्रांसफर के लिए परिवहन विभाग के पास एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके कारण अधिकांश लोग आपसी एग्रीमेंट या समझौते के आधार पर ही गाड़ियों का लेन-देन करने को मजबूर थे, जो कि कानूनी रूप से सुरक्षित नहीं माना जाता है। अब सरकारी स्तर पर नियमों के सरलीकरण से इस प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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