छत्तीसगढ़
5 दिन पहले
12
विचारों
छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को आगामी एक जुलाई से बढ़े हुए बिल का सामना करना पड़ेगा। राज्य में बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं, जिसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और किसानों की जेब पर पड़ेगा। विद्युत नियामक आयोग ने नई दरों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
कब से लागू होंगी नई दरें
विद्युत नियामक आयोग के सदस्य विवेक गनोदवाले ने जानकारी देते हुए बताया कि संशोधित बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगी। इस बार दरों में औसतन 6.23% की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद राज्य में औसत विद्युत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है।
घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर असर
नई दरों का सबसे ज्यादा बोझ आम लोगों पर पड़ेगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दरों में 30 पैसे से लेकर 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। वहीं गैर-घरेलू यानी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अब 20 पैसे से लेकर 40 पैसे प्रति यूनिट तक अधिक शुल्क चुकाना होगा।
खेती-किसानी भी इस बढ़ोतरी से अछूती नहीं रही। कृषि पंपों के लिए बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है।
किन्हें मिली राहत
बढ़ती दरों के बीच आयोग ने कुछ वर्गों को राहत भी दी है। महिला स्वसहायता समूहों को मिलने वाली 10% बिजली छूट को आगे भी जारी रखा गया है। आदिवासी क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों को अब घरेलू श्रेणी का लाभ मिलेगा, जिससे उनके खर्च में कमी आएगी। इसके साथ ही अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर को मिलने वाली पुरानी राहत भी बरकरार रखी गई है।
कंपनी की मांग और आयोग का निर्णय
बिजली कंपनी ने भारी घाटे का हवाला देकर दरों में 24% की बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी थी। कंपनी ने अपना राजस्व घाटा 6304 करोड़ रुपये होने का दावा किया था। हालांकि आयोग ने इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और केवल 1662 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे को माना। इसी आधार पर 6.23% की औसत बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई।
ईवी चार्जिंग और लेट फीस
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशनों के लिए नई विशेष टैरिफ दरें तय की हैं। साथ ही बिल भुगतान में देरी करने वालों पर सख्ती बढ़ाई गई है। अब विलंबित भुगतान अधिभार यानी लेट पेमेंट फीस 0.04% प्रतिदिन की दर से लागू होगी।
Comments
0 comment