"हां, हमारे कार्यकाल में काम रुका था, इसलिए छोड़ा पद", विजय शर्मा के पत्र पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सिंहदेव का बड़ा कबूलनामा छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 22
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखे पत्र में कांग्रेस सरकार के दौरान पीएम आवास योजना में लापरवाही और फंड रोके जाने का आरोप लगाया, जिस पर टीएस सिंहदेव ने इस्तीफे की बात स्वीकारते हुए वर्तमान सरकार पर भी तीखा पलटवार किया है।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक पत्र लिखा है, जिसने राज्य की सियासत में नया उबाल ला दिया है। इस पत्र में शर्मा ने दावा किया है कि बीते ढाई सालों में साय सरकार ने पीएम आवास योजना में उल्लेखनीय और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

कांग्रेस सरकार पर फंड रोकने का आरोप

विजय शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर सीधा और तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में पीएम आवास के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले जरूरी 40 प्रतिशत फंड (मैचिंग ग्रांट) को रोक दिया गया था। उनके मुताबिक इसी वजह से प्रदेश के लाखों गरीब परिवार अपने हक के पक्के मकान से वंचित रह गए थे। उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि किस तरह पिछली सरकार ने गरीबों का हक रोका, जबकि मौजूदा सरकार ने ढाई सालों में इस योजना को रिकॉर्ड रफ्तार दी है।

सिंहदेव के इस्तीफे का जिक्र

शर्मा ने इस पत्र के जरिए कांग्रेस के भीतर के पुराने मतभेदों और अंतर्विरोधों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल के तत्कालीन पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के ऐतिहासिक इस्तीफे का विशेष रूप से उल्लेख किया। पत्र में लिखा गया कि कांग्रेस के कार्यकाल में जब गरीबों के आवास के लिए सरकार पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं करा सकी, तब सिंहदेव ने अपनी ही सरकार की नीतियों और असंवेदनशीलता से तंग आकर दुखी मन से पद छोड़ दिया था।

सिंहदेव का कबूलनामा और पलटवार

इस पत्र पर अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी उतनी ही बेबाकी और संयमित अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, “पता नहीं क्या कारण है, लेकिन आजकल सत्ता पक्ष के मंत्री मुझे बहुत ज्यादा याद कर रहे हैं, याद करने के लिए मैं उनका आभारी हूं।”

सिंहदेव ने राजनीतिक ईमानदारी दिखाते हुए पत्र में उठाए गए इस मुद्दे को पूरी तरह स्वीकार किया कि कांग्रेस काल में पीएम आवास योजना को गति नहीं मिल पाई थी और जब वे अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर पा रहे थे, तो पद से पीछे हट गए थे।

वर्तमान सरकार पर अवैध कटौती का आरोप

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने साय सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि इस समय पीएम आवास के नाम पर हितग्राहियों से 10-10 हजार रुपये की अवैध कटौती की जा रही है। सिंहदेव के मुताबिक ग्रामीणों को अपने मकान पूरे करने के लिए अपनी जेब से पैसे लगाने पड़ रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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