छत्तीसगढ़ की पावर ट्रांसमिशन कंपनी लाएगी IPO, अब आम निवेशक भी खरीद सकेंगे शेयर; जानें साय कैबिनेट के अहम फैसले छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 31
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के IPO को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। साथ ही किसानों को फसल विविधीकरण पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता और चार शहरों में 240 ई-बसें चलाने जैसे बड़े फैसले लिए गए।

छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के विकास और आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि, ऊर्जा, परिवहन और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य का आर्थिक ढांचा और मजबूत होगा तथा समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी।

बिजली कंपनी के शेयर खरीद सकेगी जनता

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने के लिए आईपीओ लाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में हिस्सेदार बनने का अवसर मिलेगा। इससे जहां कंपनी की वित्तीय क्षमता बढ़ेगी, वहीं इसके कामकाज में पारदर्शिता भी आएगी। आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कैबिनेट ने कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत कर दिया है।

किसानों को मिलेगी 15 हजार रुपये की सहायता

किसानों की आमदनी बढ़ाने और धान पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। खरीफ 2026 से जो किसान धान की जगह दूसरी फसलें यानी फसल विविधीकरण अपनाएंगे, उन्हें प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। इस योजना के दायरे में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को शामिल किया गया है।

चार शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें

शहरी परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण रहित बनाने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना को रफ्तार दी गई है। मंत्रिपरिषद ने इसके लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के तहत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को मंजूरी दी है। इस फैसले से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है, जिससे आम लोगों को किफायती और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

योग अब चिकित्सा शिक्षा के अधीन

सरकार ने योग को अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया है, जो पहले समाज कल्याण विभाग का हिस्सा था। सरकार का तर्क है कि योग आयुष प्रणाली का अंग है, इसलिए इसे स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना अधिक व्यावहारिक रहेगा। इस बदलाव से योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों में बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई गई है।

राशन कार्डधारकों को मिलता रहेगा चना

बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड धारकों को चना वितरण जारी रखने का निर्णय भी लिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चने की खरीद NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही मौजूदा व्यवस्था को अप्रैल से जून 2026 तक तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है, ताकि हितग्राहियों को पोषण सुरक्षा निरंतर मिलती रहे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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