हवाई जहाज का विकल्प बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बेंगलुरु से मुंबई के बीच 180 की रफ्तार से होगा सफर व्यापार 2 महीने पहले 76
बेंगलुरु से मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात आई है, जहां देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का रैक अब टेस्टिंग के लिए तैयार है। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा फीचर्स के साथ कम समय में लंबी दूरी तय करने में सक्षम होगी।

बेंगलुरु पहुंचा वंदे भारत स्लीपर का नया रैक

बेंगलुरु और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आ रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का रैक फाइनल टेस्टिंग के लिए बेंगलुरु पहुंच चुका है। नारंगी और ग्रे रंग की यह लग्जरी ट्रेन अब पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह ट्रेन विशेष रूप से लंबी दूरी के रात के सफर के लिए डिज़ाइन की गई है। इस सेवा के शुरू होने के बाद यात्रियों को महंगे हवाई सफर के बजाय लग्जरी ट्रेन में यात्रा करने का एक शानदार और किफायती विकल्प मिलेगा।

ट्रेन की रफ्तार और रूट की जानकारी

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज रफ्तार है। यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ने में सक्षम है। इससे पहले जनवरी महीने में हावड़ा और कामाख्या के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू की गई थी, जिसने यात्रियों के करीब 6 घंटे बचाए थे। अब उसी तरह का अनुभव बेंगलुरु, पुणे और मुंबई के यात्रियों को मिलने वाला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही संकेत दिए थे कि यह सेवा बहुत जल्द शुरू कर दी जाएगी। यह ट्रेन बेंगलुरु से शुरू होकर हुब्बल्ली, बेलगावी और पुणे होते हुए मुंबई तक जाएगी, जिससे इन शहरों के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी। वर्तमान में इस ट्रेन को बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनस पर रखा गया है, जहां इसकी अंतिम चरण की जांच की जा रही है।

बीईएमएल और आईसीएफ का अनूठा निर्माण

इस अत्याधुनिक ट्रेन को बीईएमएल ने चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के साथ मिलकर तैयार किया है। इसके निर्माण में आधुनिक इंजीनियरिंग का पूरा ध्यान रखा गया है। यह पूरी तरह से वातानुकूलित यानी एसी ट्रेन है, जिसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इसकी क्षमता के बारे में बात करें तो इसमें कुल 823 यात्री एक साथ सफर कर सकते हैं। कोच के आवंटन की बात करें तो इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल किया गया है।

बुटीक होटल जैसा शानदार इंटीरियर

ट्रेन के अंदर का हिस्सा किसी आलीशान बुटीक होटल जैसा अहसास देता है। रात के सफर को आरामदायक और सुकून भरा बनाने के लिए इसमें विशेष सस्पेंशन तकनीक का उपयोग किया गया है, ताकि यात्रियों को सफर के दौरान झटके महसूस न हों। इसकी साउंड प्रूफिंग इतनी जबरदस्त है कि बाहर का शोर ट्रेन के अंदर बिल्कुल नहीं सुनाई देगा। फर्स्ट एसी कोच के केबिन में यात्रियों को पूरी प्राइवेसी मिलेगी और इसमें लगे गद्दे इतने आरामदायक हैं कि यात्रियों को घर जैसा आराम महसूस होगा।

सुरक्षा के लिए कवच तकनीक

सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रेन देश की सबसे सुरक्षित ट्रेनों में से एक है। इसमें भारत की स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' का उपयोग किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में दो ट्रेनों की टक्कर को रोकने में सक्षम है। आपातकालीन स्थिति में यात्री सीधे ड्राइवर से संपर्क कर सकें, इसके लिए हर कोच में एक 'टॉक-बैक' बटन की सुविधा भी दी गई है। यह सुरक्षा फीचर्स इसे एक अत्याधुनिक परिवहन का साधन बनाते हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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