उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के 5 साल पूरे, ऋषिकेश से शुरू हुआ 'सेवा पखवाड़ा', विकास योजनाओं की दी सौगात भारत 2 महीने पहले 76
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के मुख्यसेवक के रूप में अपने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर ऋषिकेश में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने जनसेवा के संकल्प के साथ 'सेवा पखवाड़ा' की शुरुआत की और करोड़ों की विकास योजनाओं का लोकार्पण किया।

उत्तराखंड की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल के शानदार पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस गौरवशाली अवसर को यादगार बनाने के लिए ऋषिकेश के ऐतिहासिक आईडीपीएल मैदान में एक भव्य और विशाल सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में राज्यभर से उमड़े हजारों लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फूलों की बारिश के साथ अत्यंत गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी सरकार के पांच साल पूरे होने के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए एक विशेष 'सेवा पखवाड़ा' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस महत्वाकांक्षी अभियान को 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' नाम दिया गया है। उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री ने लगातार पांच वर्षों तक राज्य की कमान संभालते हुए सफलता का यह नया मुकाम हासिल किया है।

इस गरिमामयी समारोह के दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से देहरादून जनपद के लिए 219 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कुल 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस भव्य आयोजन में मंच पर उपस्थित जन प्रतिनिधियों और मैदान में उपस्थित हजारों नागरिकों की भारी भीड़ ने इसे केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-आस्था और जन-भागीदारी के एक बड़े उत्सव में बदल दिया।

राज्यपाल ने दी बधाई और की ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पांच वर्ष से अधिक समय तक राज्य की बागडोर सफलतापूर्वक संभालने के लिए अपनी हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि जनता के अटूट विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और उत्तराखंड में विकास की निरंतरता का सबसे बड़ा प्रतीक है। राज्यपाल ने सरकार के कई कड़े फैसलों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि धामी सरकार ने उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त कानून और अत्यंत प्रभावी भू-कानून जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लागू किए हैं। उन्होंने ऋषिकेश और हरिद्वार की पावन भूमि का स्मरण करते हुए कहा कि यह वही पवित्र धरती है जहां से मुख्यमंत्री धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाया है, जिससे आने वाले समय में कोई भी भ्रष्ट अधिकारी गलत काम करने से पहले हजार बार कांपेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने धामी को बताया 'दमदार नेता'

इस विशेष अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अनूठी कार्यशैली और प्रशासनिक निर्णयों की जमकर प्रशंसा करते नजर आए। उन्होंने अपने भाषण में मुख्यमंत्री धामी को एक बेहद प्रभावशाली और 'दमदार नेता' के रूप में परिभाषित किया। डॉ. निशंक ने अत्यंत गर्व के साथ कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड के हित में लिए गए साहसिक निर्णयों का अनुसरण देश के अन्य राज्यों की सरकारें करती हैं, तो एक उत्तराखंडी होने के नाते उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का महा-संकल्प

समारोह में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद विनम्रता से कहा कि सरकार के लिए पांच साल पूरे होने का यह अवसर केवल उत्सव मनाने का नहीं है, बल्कि यह समय आत्ममंथन करने और जनसेवा के अपने संकल्प को और अधिक मजबूत करने का है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके लिए सत्ता कभी भी अंतिम लक्ष्य नहीं रही है, बल्कि सत्ता हमेशा से जनता की सेवा करने का एक पवित्र माध्यम मात्र रही है। जनसेवा, सुशासन, समर्पण और जनता के भीतर जगे विश्वास को ही अपनी सरकार की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए मुख्यमंत्री धामी ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को देश का सबसे विकसित और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का अपना संकल्प एक बार फिर दोहराया।

अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल कागजों पर योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी कल्याणकारी सोच को धरातल पर उतारने के लिए राज्य में 'सेवा पखवाड़ा' का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत सभी प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद जनता के बीच जाएं, उनके द्वारों पर पहुंचे और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनता के समक्ष अपनी सरकार के पिछले पांच वर्षों का पूरा प्रगति पत्र यानी रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत किया। उन्होंने गौरव के साथ बताया कि आज उत्तराखंड में 1 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का निवेश धरातल पर पूरी तरह से उतर चुका है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और G20 जैसे वैश्विक स्तर के भव्य आयोजनों ने उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई और मजबूत पहचान दी है।

रोजगार, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य के 34 हजार से अधिक युवाओं को अत्यंत पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य में विशेष स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, 'एक जनपद-दो उत्पाद' योजना, सौर स्वरोजगार योजना और विभिन्न स्वरोजगार केंद्रित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकार ने 'लखपति दीदी' अभियान के माध्यम से अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया है।

धामी सरकार के वे बड़े फैसले जो बने देश की चर्चा का विषय

बीते पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान धामी सरकार द्वारा लिए गए कई बड़े और कड़े फैसले देश स्तर पर विमर्श का मुख्य केंद्र बने रहे। सरकार की विशिष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाने वाले इन प्रमुख ऐतिहासिक निर्णयों की सूची इस प्रकार है:

  • संपूर्ण राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाना।
  • युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त और प्रभावी नकल विरोधी कानून बनाना।
  • धर्मांतरण की अनैतिक गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करना।
  • राज्य की जनसांख्यिकी और जमीनों की रक्षा के लिए प्रभावी भू-कानून का निर्माण।
  • भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने के लिए 1064 हेल्पलाइन की शुरुआत और बड़े-बड़े अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करना।
  • सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ राज्यव्यापी बुलडोजर अभियान चलाना।
  • अवैध मदरसों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करना और मदरसा बोर्ड से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारात्मक निर्णय लेना।
  • भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को अपनाना।

विकास की नई राह पर अग्रसर उत्तराखंड

अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में दर्ज की गई रिकॉर्ड वृद्धि, भारी मात्रा में आ रहे औद्योगिक निवेश, मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर सड़कें, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक शिक्षा और देश की सीमा से लगे सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास का ब्यौरा पेश किया। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में उमड़ी यह विशाल जनसभा, मंच से दिखा विकास का स्पष्ट रोडमैप, राज्यपाल द्वारा की गई मुक्तकंठ से प्रशंसा और मुख्यमंत्री का जनसेवा का यह अटूट संकल्प साफ दर्शाता है कि पांच वर्षों का यह सफर केवल एक राजनीतिक सफलता भर नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की एक नई विकास यात्रा का शंखनाद है। अब पूरे देश की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि सरकार वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ और पूर्ण रूप से विकसित राज्य बनाने के अपने इस महान लक्ष्य को कितनी तेजी से पूरा करती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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