गोबर से कमाई का सुनहरा मौका: पूर्णिया के किसान से जानिए वर्मी कंपोस्ट बनाने का तरीका और मुनाफा बिहार एक महीने पहले 47
पूर्णिया के एक प्रगतिशील किसान अब गाय के गोबर से जैविक खाद बनाकर न केवल अपनी खेती को रसायन मुक्त बना रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।

खेती के साथ पशुपालन से बढ़ रही है आमदनी

आज के दौर में किसान केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे खेती के साथ-साथ अन्य व्यवसायों को जोड़कर अपनी आय में इजाफा कर रहे हैं। बिहार के पूर्णिया जिले से एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां किसान अब गाय और भैंस के गोबर का सही उपयोग करके वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार कर रहे हैं। यह खाद न केवल उनके खेतों की उर्वरक शक्ति को बढ़ा रही है, बल्कि बाजार में बेचकर उन्हें अच्छा मुनाफा भी मिल रहा है।

30 साल का अनुभव और रसायन मुक्त खेती

पूर्णिया जिले की हरदा पंचायत के ठाडा गांव के निवासी गोपाल कुमार पिछले 30 वर्षों से कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। गोपाल मुख्य रूप से सब्जियों की खेती करते हैं और अपनी मेहनत से अच्छी कमाई कर रहे हैं। उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज यह है कि वे पिछले 5 वर्षों से अपनी फसलों में किसी भी प्रकार के रासायनिक या केमिकल युक्त खाद का उपयोग नहीं करते हैं। इसके बजाय, वे पूरी तरह से वर्मी कंपोस्ट का सहारा लेते हैं, जिससे उन्हें न केवल सब्जियों का बंपर उत्पादन मिलता है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता भी उच्च स्तर की रहती है।

गोबर से खाद बनाने की प्रक्रिया

गोपाल कुमार अपने खेत में वर्मी कंपोस्ट तैयार करने के लिए अपने पशुधन का भरपूर उपयोग करते हैं। उनके पास इस समय 25 देशी गायें हैं। इन गायों से प्राप्त गोबर का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जाता है। यदि उन्हें खाद बनाने के लिए अतिरिक्त गोबर की आवश्यकता होती है, तो वे स्थानीय पशुपालकों से 5 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदते हैं।

खाद तैयार करने में लगता है 3 महीने का समय

वर्मी कंपोस्ट बनाने की विधि के बारे में जानकारी देते हुए गोपाल कुमार बताते हैं कि सबसे पहले देशी गाय के गोबर को इकट्ठा किया जाता है। इस गोबर को लगभग 3 महीने तक ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि वह खाद बनने की प्रक्रिया के लिए तैयार हो सके। इसके बाद, केंचुओं का उपयोग करके जैविक खाद तैयार की जाती है। जब यह खाद बनकर तैयार हो जाती है, तो इसे स्थानीय किसानों को 12 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाता है। इससे किसान को लागत से काफी अधिक मुनाफा प्राप्त होता है।

संपर्क कैसे करें

गोपाल कुमार की इस पहल से स्थानीय किसानों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है, क्योंकि उन्हें अपने खेतों के लिए रसायन मुक्त खाद आसानी से उपलब्ध हो जाती है। यदि आप पूर्णिया क्षेत्र के निवासी हैं और वर्मी कंपोस्ट खरीदना चाहते हैं या फिर अपना गोबर बेचना चाहते हैं, तो आप गोपाल कुमार से 8877757130 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। यह मॉडल उन सभी किसानों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है जो खेती में कम लागत और अधिक मुनाफा चाहते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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