राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने विपक्ष की राजनीति को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी लोकतंत्र को एक सशक्त विपक्ष की दरकार होती है, मगर देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के बाद भी कांग्रेस इस जिम्मेदारी को प्रभावी तरीके से नहीं निभा पा रही है। उनके इस कथन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इंडिया गठबंधन और 2024 का चुनाव
चव्हाण ने याद दिलाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों ने आपस में मिलकर इंडिया गठबंधन का गठन किया था और इसका प्रभाव चुनाव परिणामों में भी नजर आया। उनके अनुसार कांग्रेस की सीटों में हुई बढ़ोतरी और विपक्ष के मजबूत होने में इस गठबंधन की भूमिका बेहद अहम रही।
हालांकि उनका मानना है कि चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूती दी जानी चाहिए थी, लेकिन कुछ खामियों की वजह से यह कोशिश पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई।
2029 की रणनीति पर जोर
उन्होंने कहा कि यदि 2029 में भाजपा को चुनौती देनी है तो एक जैसी सोच रखने वाले दलों को दोबारा एकजुट होकर काम करना पड़ेगा। चव्हाण ने विपक्षी एकता को मौजूदा समय की जरूरत बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एक साझा रणनीति तैयार करनी होगी।
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