मध्य प्रदेश
एक दिन पहले
10
विचारों
देवांगना घाटी गैंगरेप के आरोपी से पुलिस की मुठभेड़
मध्य प्रदेश के सतना जिले के चर्चित देवांगना घाटी सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी के साथ जंगल में एक संक्षिप्त मुठभेड़ की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। हालांकि, घटना के दौरान दो अन्य आरोपी घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस द्वारा अभी भी उन दोनों की तलाश में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह मुठभेड़ शनिवार की शाम को भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा जंगल में हुई, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वारदात में शामिल बदमाश बाइक के जरिए इस रास्ते से गुजरने वाले हैं।
पुलिस मुठभेड़ और गोलीबारी की पूरी कहानी
जैसे ही पुलिस को आरोपियों के आवागमन की जानकारी मिली, एसओजी और बहिलपुरवा थाना पुलिस की टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को अपने करीब देख आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय टीम पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी जितेंद्र उर्फ भोले पटेल पैर में गोली लगने से घायल हो गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में बहिलपुरवा थाने के सिपाही राघवेंद्र की बांह में भी गोली लगी है, जिन्हें उपचार के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश में जारी सर्च ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किया गया जितेंद्र पटेल ही देवांगना घाटी सामूहिक दुष्कर्म कांड का मुख्य सूत्रधार है। मुठभेड़ के समय उसके साथ मौजूद उसके दो साथी, प्रवीण पटेल और विवेक पटेल, जंगल की आड़ लेकर भाग निकले। इनकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें देर रात तक जंगल में कांबिंग ऑपरेशन चलाती रहीं। मध्य प्रदेश में सामने आ रहे गैंगरेप के लगातार मामलों ने महिला सुरक्षा के प्रति चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
क्या है देवांगना घाटी गैंगरेप का मामला
इस घटना की शुरुआत 22 जुलाई की शाम को हुई थी, जब सतना जिले की रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ देवांगना घाटी में घूमने गई थी। आरोप है कि बाइक पर सवार तीन युवकों ने पहले युवती के नाबालिग साथी को बंधक बनाया और फिर युवती को जबरन जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जाते समय आरोपियों ने दोनों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच के लिए साइबर सेल, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की थी। जांच के दौरान पुलिस ने 18 स्थानों के 374 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 58 संदिग्धों से पूछताछ की। इसके अतिरिक्त, लगभग 6 हजार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।
Comments
0 comment