पश्चिम बंगाल
5 घंटे पहले
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पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) की टीम ने अवैध रेत माफियाओं से वसूली करने वाले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस विभाग का ही एक सिपाही और उसके साथ मिलकर काम करने वाले तीन दलाल कानून के शिकंजे में आए हैं। गिरफ्तार किए गए पुलिस कांस्टेबल की पहचान रतन प्रमाणिक के रूप में हुई है, जो झारग्राम पुलिस स्टेशन में तैनात था।
दलालों की पहचान और बरामद नकदी
ACB की टीम ने कांस्टेबल रतन प्रमाणिक के साथ जिन तीन दलालों को दबोचा है, वे सभी स्थानीय स्तर पर सक्रिय थे। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए दलालों के नाम इस प्रकार हैं:
- शांतनु बारिक
- दीपांकर बारिक
- रवि बारिक
ये तीनों आरोपी श्यामसुंदरपुर गांव के रहने वाले हैं, जो बांधगोरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। आरोपियों के कब्जे से ACB ने भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, इनके पास से कुल 5 लाख 70 हजार रुपये कैश जब्त किया गया है।
ACB ने इस तरह बिछाया जाल
पश्चिम बंगाल के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि झारग्राम पुलिस स्टेशन का एक सिपाही कुछ बिचौलियों के माध्यम से रेत ले जाने वाले ट्रकों और ट्रैक्टरों के मालिकों से अवैध रूप से पैसे वसूल रहा है। इस शिकायत की सत्यता की जांच करने के बाद विभाग ने एक योजना बनाई।
योजना के तहत ACB की टीम ने जाल बिछाया, जहां तीनों दलालों को ट्रक मालिकों से सीधे रिश्वत के पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। जब इन दलालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उन्होंने सारा सच उगल दिया। दलालों ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि वे यह अवैध वसूली झारग्राम थाने के कांस्टेबल रतन प्रमाणिक के इशारे पर और उसी के लिए कर रहे थे।
'झारग्राम मैनेजर' नाम से सेव था कांस्टेबल का नंबर
ACB के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस वसूली कांड में पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। मुख्य दलाल के मोबाइल फोन में आरोपी कांस्टेबल रतन प्रमाणिक का मोबाइल नंबर 'झारग्राम मैनेजर' के नाम से सुरक्षित किया हुआ था। इस खुलासे से साफ होता है कि यह पूरा रैकेट किस तरह संगठित रूप से काम कर रहा था।
जांचकर्ताओं ने आज की वसूली के अलावा पूर्व में वसूल किए गए 5 लाख रुपये भी जब्त कर लिए हैं। ACB अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या पुलिस विभाग के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या कर्मचारी भी इस रैकेट का हिस्सा थे। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।
अगस्त में भी हुई थी ऐसी ही बड़ी कार्रवाई
झारग्राम जिले में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले अगस्त के महीने में भी ACB ने जाम्बोनी BDO कार्यालय में तैनात एक भ्रष्ट सब-असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर ने अधिकारी की लगातार बढ़ती मांग और प्रताड़ना से परेशान होकर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद ACB की टीम ने जाल बिछाकर सब-असिस्टेंट इंजीनियर बिमल साहा को रंगे हाथों धर दबोचा था। झारग्राम में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
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