जीवनशैली
2 घंटे पहले
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विचारों
स्वास्थ्य के लिए रामबाण है यह खास मिश्रण
मौसम के बदलते मिजाज के बीच अक्सर लोग सर्दी, जुकाम, साइनस और सिरदर्द जैसी समस्याओं से जूझते नजर आते हैं। झारखंड की राजधानी रांची में इन दिक्कतों से तुरंत राहत पाने के लिए एक विशेष घरेलू उपाय को अपनाया जाता है। यह नुस्खा मुख्य रूप से घी, कपूर और सरसों के तेल के मिश्रण पर आधारित है। इसे नाक में डालने और सिर की मालिश करने से स्वास्थ्य में काफी सुधार देखने को मिलता है। इस विषय पर आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे ने अपने विचार साझा किए हैं।
डॉक्टर के अनुसार इस नुस्खे के वैज्ञानिक कारण
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर वीके पांडे का कहना है कि यह मिश्रण कई स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर है। उनके अनुसार, कपूर में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं। जब इस मिश्रण को नाक में डाला जाता है, तो यह बाहरी एलर्जी और हानिकारक बैक्टीरिया को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभाता है। यह प्रक्रिया श्वसन मार्ग को शुद्ध कर तुरंत आराम पहुंचाने का कार्य करती है।
घी और सरसों तेल के अद्भुत लाभ
डॉक्टर पांडे के मुताबिक, इस नुस्खे में उपयोग किए जाने वाले अन्य घटक भी बेहद कारगर हैं। घी नाक के भीतर नमी बनाए रखने के लिए एक बेहतरीन लुब्रिकेंट का काम करता है। यह नाक के सूखेपन को दूर करता है, जो अक्सर बार-बार आने वाली छींकों और खांसी का मुख्य कारण बनता है। इसके अलावा, सरसों का तेल अपने प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है। यह भी लुब्रिकेंट का कार्य करता है और बंद नाक को खोलने के साथ ही सांस लेने की नली को साफ करने में मदद करता है। इन तीनों सामग्रियों का संयुक्त उपयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होता है।
उपयोग करने का सही तरीका
रांची की रहने वाली उषा का कहना है कि यह एक बेहद पुराना और आजमाया हुआ तरीका है जिसे स्थानीय स्तर पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनाया जा रहा है। इसे इस्तेमाल करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि सप्ताह में इसे केवल एक बार उपयोग करें। रात को सोते समय नाक में इस मिश्रण की एक-एक बूंद डालें। इसके बाद नाक और सिर के आसपास हल्के हाथों से मसाज करें और तुरंत सो जाएं। माना जाता है कि इस उपाय को अपनाने के बाद सुबह तक सर्दी और सिरदर्द में लगभग 80% तक राहत मिल सकती है।
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