झुग्गी-झोपड़ियों के अंधेरे से पक्के मकानों तक, अहमदाबाद के हजारों परिवारों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
अहमदाबाद नगर निगम की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आधुनिक सुविधाओं वाले पक्के आशियाने दिए गए हैं।

पक्के मकानों का सपना अब हकीकत

हर किसी का यह सपना होता है कि उसके पास रहने के लिए अपना एक सुरक्षित और पक्का घर हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस सपने को लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए हकीकत में बदल दिया है। अहमदाबाद नगर निगम भी इस योजना को जमीन पर उतारने में पूरी तत्परता दिखा रहा है। अहमदाबाद नगर निगम की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को बेहद आधुनिक और व्यवस्थित पक्के मकान मुहैया कराए जा रहे हैं।

झुग्गी से सम्मानजनक जीवन की ओर

शहर के अलग-अलग इलाकों में बन रहे ये नए आवासीय परिसर उन लोगों के लिए वरदान साबित हुए हैं जो पहले बदहाल झोपड़पट्टियों में रहने को मजबूर थे। योजना के शुरुआती चरण में ही हजारों लोगों को उनके घरों की चाबियां सौंपी जा चुकी हैं। इन घरों में शिफ्ट होने के बाद अब ये परिवार पूरी गरिमा के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। शोभाबेन जैसी कई लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि झोपड़पट्टी में वे गंदगी, मच्छरों और भारी असुरक्षा के बीच रहने को मजबूर थीं, लेकिन नया घर मिलते ही उनके जीवन का स्तर बदल गया है और उनके बच्चों को अब एक स्वच्छ वातावरण मिल रहा है।

आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस परिसर

अहमदाबाद नगर निगम द्वारा बनाए गए इन आवासीय प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें आम आदमी की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। इन परिसरों में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं। इनमें लिफ्ट की सुविधा, बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र, पास में स्वास्थ्य सुविधाएं, हरे-भरे गार्डन और पार्किंग की जगह शामिल है। इसके अतिरिक्त, यहाँ 24 घंटे पानी की आपूर्ति, फायर फाइटिंग सिस्टम और पीएनजी गैस कनेक्शन जैसी सहूलियतें भी दी गई हैं। लाभार्थी हरीश रावत और दीपकभाई प्रजापति जैसे निवासियों का कहना है कि उन्हें अपने घर के आसपास ही बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन और बच्चों के खेलने के लिए पार्क जैसी तमाम चीजें मिल गई हैं, जिससे उनका जीवन पहले के मुकाबले बेहद सरल हो गया है।

निर्माण कार्यों की प्रगति और लक्ष्य

नगर निगम के आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण यानी PMAY 1.0 के अंतर्गत 21 हजार से ज्यादा ईडब्ल्यूएस मकानों का काम पूरी तरह से पूरा हो चुका है और इन घरों को लाभार्थियों को आवंटित भी कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 हजार से अधिक घरों पर अभी निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। भविष्य की योजना के बारे में बात करते हुए नगर निगम ने PMAY 2.0 के तहत 50 हजार और नए मकान बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

मेयर का बयान और प्रमुख प्रोजेक्ट्स

अहमदाबाद के मेयर हितेश कांतीलाल बरोट ने बताया कि शहर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर आवास तैयार किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि झुग्गी पुनर्वास अभियान के तहत रामापीर की टेकरी क्षेत्र में 9 हजार से अधिक परिवारों को पक्के घर दिए गए हैं। इसके साथ ही ओढव में 2,500 से ज्यादा और घाटलोडिया में 1,500 से अधिक मकान बनाए गए हैं। नर्मदा आवास, जानकी आवास और निम्न आय वर्ग के लिए बने अन्य कई आवास भी अब लोगों के रहने के लिए तैयार हैं।

बदलाव की एक बड़ी तस्वीर

पिछले 12 वर्षों के आंकड़ों को देखें तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है कि प्रशासन ने स्लम पुनर्वास योजना के जरिए किस तेजी से काम किया है। PMAY अर्बन के तहत अहमदाबाद में 2 लाख 7 हजार से ज्यादा मकानों के निर्माण की मंजूरी मिली, जिनमें से 1 लाख 94 हजार से ज्यादा घर आज बनकर तैयार हैं। जंकल, अमियापुर, कोर्टेश्वर और बोपल जैसे क्षेत्रों में चल रहे ये आवास प्रोजेक्ट न केवल लोगों को सिर पर एक सुरक्षित छत दे रहे हैं, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित कर रहे हैं। इन आधुनिक फ्लैटों ने हजारों गरीब परिवारों के लिए एक सम्मानजनक और बेहतर कल की नींव रख दी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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