अमेरिकी डांस टीचर ने गाजा के व्यक्ति से रचाई शादी, नागरिकता दिलाने के दावे से बढ़ी मुश्किलें विश्व 2 महीने पहले 96
कैलिफोर्निया की एक डांस टीचर ने खुलासा किया है कि उन्होंने फिलिस्तीनी अधिकारों के समर्थन में गाजा के एक निवासी से शादी की है ताकि उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाई जा सके। इस सार्वजनिक बयान के बाद अब वे कानूनी जांच के घेरे में आ गई हैं।

विवादों के घेरे में अमेरिकी टीचर

कैलिफोर्निया की रहने वाली 51 वर्षीय डांस टीचर लॉरा पिन्हो इस समय चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने एक बेहद हैरान कर देने वाला खुलासा किया है, जिससे सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक हड़कंप मच गया है। लॉरा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने गाजा में रह रहे सालेम एस.ई. अबू अमरा से शादी की है। उनका तर्क है कि यह शादी केवल प्रेम का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे का असली मकसद सालेम को अमेरिका की नागरिकता और ग्रीन कार्ड हासिल करने में मदद करना है। लॉरा का मानना है कि वे फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों की लड़ाई में अपना योगदान दे रही हैं।

ऑनलाइन वेबिनार में किया बड़ा खुलासा

इस पूरी घटना का खुलासा 16 जून को एक ऑनलाइन जूम वेबिनार के दौरान हुआ। इस चर्चा में लॉरा ने अपनी अमेरिकी नागरिकता का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास वह पासपोर्ट है जो उन्हें जन्म से मिला है। उन्होंने कहा कि अगर वे इस पासपोर्ट के जरिए किसी जरूरतमंद की मदद कर सकती हैं, तो उन्हें यह कदम जरूर उठाना चाहिए। लॉरा ने स्पष्ट किया कि फिलिस्तीन के प्रति समर्थन दिखाने के लिए उन्होंने यह साहसी कदम उठाया है।

कैसे हुई शादी

रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉरा और सालेम ने 5 अप्रैल को ऑनलाइन मैरिज सिस्टम के जरिए विवाह किया। यूटा राज्य के कानूनों के तहत अमेरिकी नागरिक अलग-अलग देशों में रहते हुए भी ऑनलाइन शादी कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए जरूरी दस्तावेजों और विवाह लाइसेंस की शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है। वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सालेम अब तक अमेरिका पहुंच चुके हैं या नहीं, लेकिन लॉरा के इस सार्वजनिक बयान ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर लिया है।

कानूनी पचड़े और जेल का खतरा

इमिग्रेशन कानून के जानकारों का कहना है कि लॉरा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। अमेरिका में केवल इमिग्रेशन लाभ या नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से शादी करना एक गंभीर संघीय अपराध की श्रेणी में आता है। इमिग्रेशन वकीलों का मानना है कि लॉरा का सार्वजनिक रूप से यह कहना कि शादी का उद्देश्य ही इमिग्रेशन है, उनके खिलाफ ठोस सबूत बन सकता है। अमेरिकी कानूनों के तहत, यदि कोई व्यक्ति इमिग्रेशन फायदे के लिए फर्जी विवाह करता है, तो उसे 5 साल तक की जेल हो सकती है और उस पर 2.5 लाख डॉलर तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

फेसबुक से शुरू हुई कहानी

लॉरा ने बताया कि उनकी और अबू अमरा की दोस्ती फेसबुक के माध्यम से हुई थी। वहां वे आपसी दोस्तों के जरिए एक दूसरे के संपर्क में आए। समय के साथ उनकी बातचीत गहरी होती गई और लॉरा ने उसकी आर्थिक मदद करना शुरू कर दिया। शादी से करीब एक महीने पहले, लॉरा ने 'गो-फंड-मी' के जरिए अबू अमरा के लिए फंड जुटाने का काम भी किया था। उस दौरान लॉरा ने बताया था कि सालेम गाजा में अपने 5 सदस्यों वाले परिवार का भरण-पोषण करने के लिए जूझ रहे हैं और उन्हें दैनिक जरूरतों, जैसे भोजन और पानी के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

निजी जिंदगी और स्कूल की गतिविधियां

लॉरा की निजी जिंदगी भी इस मामले के सामने आने के बाद सुर्खियों में है। वे अभी भी अपने पूर्व पार्टनर डेरेक रीड के साथ उसी घर में रहती हैं। दोनों का एक 5 वर्षीय बच्चा भी है। हालांकि, डेरेक ने दावा किया है कि उन्हें इस शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। डेरेक का कहना है कि इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर विचारों में मतभेद के चलते उनकी दूरियां बढ़ गई थीं, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि लॉरा इतनी चरम सीमा तक चली जाएंगी।

लॉरा का फिलिस्तीन के प्रति जुड़ाव केवल उनके घर तक सीमित नहीं है। वे अपने स्कूल में स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फिलिस्तीन क्लब की को-स्पोंसर्ड हैं। वे अपनी डांस क्लास के दौरान भी छात्रों को फिलिस्तीनी इतिहास और संस्कृति के बारे में पढ़ाती हैं। वर्तमान में संघीय एजेंसियां इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे यह मामला और भी गंभीर होता जा रहा है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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