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एक घंटा पहले
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उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा पर प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मध्य एशिया के दो महत्वपूर्ण देशों की यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। अपनी इस आधिकारिक यात्रा के तहत वे उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जाएंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाला संघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन है। चर्चाएं तेज हैं कि इस वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हो सकती है।
उज्बेकिस्तान के साथ रणनीतिक साझेदारी
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस यात्रा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की यात्रा करेंगे। यह दौरा उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर सुनिश्चित किया गया है। भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर काफी घनिष्ठता आई है। दोनों देशों ने साल 2011 में ही अपने आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दे दिया था, जिसके बाद से सहयोग के कई नए आयाम खुले हैं।
सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी। इस दौरान आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा होगी और सहयोग को बढ़ाने के लिए नई संभावनाओं को तलाशा जाएगा। यह यात्रा न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाएगी, बल्कि अकादमिक स्तर पर और दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच आपसी संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए भी एक बेहतरीन मंच साबित होगी।
बिश्केक में SCO सम्मेलन का आयोजन
उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री किर्गिस्तान के लिए रवाना होंगे। सिबी जॉर्ज के मुताबिक, प्रधानमंत्री 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। संघाई सहयोग संगठन की स्थापना के मूल उद्देश्यों में आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी तीन बड़ी चुनौतियों का सामूहिक मुकाबला करना शामिल था। मौजूदा समय में भी ये बुराइयां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी समस्या बनी हुई हैं, जिन पर इस सम्मेलन में मंथन किया जाएगा।
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