रील और शॉर्टकट की दुनिया में धैर्य रखें युवा, पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर दी नसीहत राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की नई आत्मकथा का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के दौर में शॉर्टकट न अपनाने की सलाह दी।

रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का भव्य विमोचन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के विज्ञान भवन में एक विशेष समारोह के दौरान भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का अनावरण किया। इस पुस्तक का शीर्षक 'Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles' रखा गया है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस कृति को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर करार दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत साबित होगी।

जेन-Z के लिए पीएम मोदी का संदेश

पुस्तक विमोचन के दौरान प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से आज की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि आज के रील और शॉर्टकट के जमाने में उन्हें धैर्य रखने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है और युवाओं को बिना किसी शॉर्टकट के अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि रामनाथ कोविंद जैसे व्यक्तित्व के अनुभवों से सीखना नई पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है ताकि वे जान सकें कि हमारे पूर्वजों ने किस तरह के कठिन संघर्षों का सामना करके देश की सेवा की है।

किताब में क्या है खास

यह आत्मकथा एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर भारत के 14वें राष्ट्रपति के पद तक पहुंचने की एक प्रेरणादायक यात्रा है। इस किताब में रामनाथ कोविंद के प्रारंभिक जीवन के संघर्षों से लेकर उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों का विस्तृत विवरण दिया गया है। पाठकों को इस पुस्तक के जरिए उन मूल्यों और परिस्थितियों को समझने का मौका मिलेगा, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया और उन्हें राष्ट्रपति भवन तक पहुंचाया। यह किताब न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों की कहानी कहती है, बल्कि देश के राजनीतिक और सामाजिक सफर के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डालती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप