उपनाम: प्रेरणादायक
आईपीएस बुशरा बानो: विदेश की शानदार नौकरी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच कैसे हासिल किया खाकी का मुकाम
यूपी की रहने वाली आईपीएस बुशरा बानो का सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक मिसाल है, जिन्होंने विदेश में बसने के बाद भी यूपीएससी की कठिन परीक्षा को पास कर सफलता का परचम लहराया।
अंबाला के राहुल की कामयाबी: 6 बार मिली असफलता, फिर 7वीं कोशिश में बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
अंबाला के रहने वाले राहुल धाकड़ ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर मिसाल कायम की है। सातवीं बार में SSB परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पहली बार घर लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
बेगूसराय की रूपम मैडम का अनोखा अंदाज़, सरकारी स्कूल में गणित और विज्ञान की क्लासेज रहती हैं फुल
बेगूसराय के मध्य विद्यालय चेरिया बरियारपुर में शिक्षिका रूपम कुमारी अपने अनूठे शिक्षण कौशल से छात्रों की पसंदीदा बन गई हैं, जहां खेल-खेल में पढ़ाई कराकर वे सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल रही हैं।
चाय बेचने से ढाबा मालिक बनने तक का सफर: सूरज कुमार की मेहनत ने बदल दी किस्मत
जहानाबाद के रहने वाले 27 वर्षीय सूरज कुमार ने 20 साल तक चाय की दुकान पर मेहनत की और अपनी बचत से अब एक शानदार ढाबा खोलकर सफलता की नई इबारत लिखी है।
सड़क पर झाड़ू और हाथ में Fortuner की चाबी, ये है फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले सेसप्पा की अनूठी कहानी
कर्नाटक के सेसप्पा की जिंदगी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है, जिन्होंने गरीबी की मार और पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे न होने का दर्द झेलने के बाद कड़ी मेहनत से अपनी किस्मत बदली है। आज वह लाखों की Fortuner गाड़ी से काम पर आते हैं और बेहद गर्व के स...
मजदूरी से सिंगापुर तक का सफर: 300 रुपये रोज कमाने वाले रामथुल्ला ने ठुकराया 15 लाख का पैकेज
कभी दिहाड़ी मजदूरी करके प्रतिदिन 300 रुपये कमाने वाले रामथुल्ला शेख ने अपनी मेहनत के दम पर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आज सिंगापुर की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं।
मां के गहने बेचकर तय किया दिल्ली तक का सफर, आज डॉ. संतोष पटेल संभाल रहे हैं बड़ी जिम्मेदारी
बिहार के बेतिया से निकलकर दिल्ली की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार बने डॉ. संतोष पटेल की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है।
रील और शॉर्टकट की दुनिया में धैर्य रखें युवा, पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर दी नसीहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की नई आत्मकथा का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के दौर में शॉर्टकट न अपनाने की सलाह दी।
5 एकड़ में करते थे तंबाकू की खेती, अब समाज से नशा मिटा रहे राजेंद्र राय
बिहार के शिवहर जिले के एक डाकपाल ने अध्यात्म का रास्ता अपनाकर न केवल अपनी बुरी आदतें छोड़ीं, बल्कि 100 से अधिक लोगों को भी नशामुक्त बनाया है।
गांव के सरकारी स्कूल से कृषि वैज्ञानिक बनने तक का सफर: एक शिक्षक की सलाह ने बदली डॉ अलख राम गौर की किस्मत
बालोद जिले के चिखली गांव के रहने वाले डॉ अलख राम गौर ने सरकारी स्कूल से अपनी शिक्षा शुरू की और एक शिक्षक के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान को अपना करियर बनाया। आज वे एक सफल कृषि वैज्ञानिक के रूप में किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मन की घबराहट और बेचैनी से हैं परेशान, तो प्रेमानंद महाराज की ये 5 सीखें बदल देंगी आपका नजरिया
आज के तनावपूर्ण दौर में मानसिक शांति पाने के लिए प्रेमानंद महाराज द्वारा बताए गए ये पांच प्रभावी उपाय आपको चिंता और डर से मुक्ति दिलाने में मदद करेंगे।
बिलासपुर की अनूठी पहल: स्कूल की चारदीवारी से बाहर आया ज्ञान, गांव की हर दीवार बन गई है पाठशाला
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा गांव है जहां बच्चों को उच्च पदों पर पहुंचाने के लिए पूरे गांव को ही एक बड़े स्कूल में तब्दील कर दिया गया है। यहां गलियों की दीवारों पर लिखे प्रश्न-उत्तर बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
सफलता की कहानी: चार प्रयासों की तपस्या के बाद छपरा की अंकिता बनीं एसडीएम, 14 घंटे की पढ़ाई से बदला मुकद्दर
छपरा की अंकिता कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एसडीएम का पद हासिल किया है। लगातार तीन बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में सफलता का परचम लहराया।
नौकरी के साथ रात की पढ़ाई, किसान के बेटे रमेश कुमार ने हासिल की BPSC में सफलता
देवघर के रहने वाले रमेश कुमार ने पंजाब में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की 9 घंटे की नौकरी करते हुए बीपीएससी परीक्षा में 285वीं रैंक प्राप्त कर मिसाल कायम की है।
दृष्टिबाधित होने के बाद भी नहीं मानी हार, बहन और पत्नी के सहयोग से रजत सोनी बने डिप्टी कलेक्टर
सागर के रजत सोनी ने आंखों की दिव्यांगता को मात देते हुए एमपीपीएससी परीक्षा में चौथी बार सफलता हासिल कर डिप्टी कलेक्टर का पद प्राप्त किया है। इस कठिन सफर में उनके परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत रहा।