उपनाम: प्रेरणादायक
शादी में नहीं बुलाया जाना बना टर्निंग पॉइंट, चाय बेचने वाले के बेटे अंकित ने 23 की उम्र में हासिल किया क्लास-1 अफसर का पद
रांची के अंकित मिश्रा ने आर्थिक तंगी और सामाजिक अपमान को अपनी सफलता की सीढ़ी बनाते हुए महज 23 साल की उम्र में यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा पास की है। एक छोटे से अपमान ने उनके भीतर ऐसी आग जलाई कि उन्होंने क्लास-1 गजेटेड अफसर बनकर समाज के नजरिए को बदल दिया।
40 हजार से शुरू किया सफर, आज 10 लाख का बना सेटअप, बेगूसराय की प्रेमलता की प्रेरणादायक कहानी
बेगूसराय की रहने वाली प्रेमलता कुमारी ने मात्र 40 हजार रुपये की पूंजी से अगरबत्ती का कारोबार शुरू किया था, जो आज 10 लाख रुपये के सेटअप में तब्दील हो चुका है। इस व्यापार के दम पर उन्होंने न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि अपने दोनों बेटों को इ...
सफलता की मिसाल: एक ही परिवार के तीन भाई बने RAS अधिकारी, ऋषिराज की कहानी ने बदली भाइयों की किस्मत
जयपुर के सांभर में एसडीएम के पद पर कार्यरत ऋषिराज कपिल की प्रशासनिक सफलता ने उनके छोटे भाइयों को भी प्रेरित किया, जिससे आज पूरा परिवार राजस्थान प्रशासनिक सेवा में नाम रोशन कर रहा है।
आईपीएस बुशरा बानो: विदेश की शानदार नौकरी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच कैसे हासिल किया खाकी का मुकाम
यूपी की रहने वाली आईपीएस बुशरा बानो का सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक मिसाल है, जिन्होंने विदेश में बसने के बाद भी यूपीएससी की कठिन परीक्षा को पास कर सफलता का परचम लहराया।
अंबाला के राहुल की कामयाबी: 6 बार मिली असफलता, फिर 7वीं कोशिश में बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
अंबाला के रहने वाले राहुल धाकड़ ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर मिसाल कायम की है। सातवीं बार में SSB परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पहली बार घर लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
बेगूसराय की रूपम मैडम का अनोखा अंदाज़, सरकारी स्कूल में गणित और विज्ञान की क्लासेज रहती हैं फुल
बेगूसराय के मध्य विद्यालय चेरिया बरियारपुर में शिक्षिका रूपम कुमारी अपने अनूठे शिक्षण कौशल से छात्रों की पसंदीदा बन गई हैं, जहां खेल-खेल में पढ़ाई कराकर वे सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल रही हैं।
चाय बेचने से ढाबा मालिक बनने तक का सफर: सूरज कुमार की मेहनत ने बदल दी किस्मत
जहानाबाद के रहने वाले 27 वर्षीय सूरज कुमार ने 20 साल तक चाय की दुकान पर मेहनत की और अपनी बचत से अब एक शानदार ढाबा खोलकर सफलता की नई इबारत लिखी है।
सड़क पर झाड़ू और हाथ में Fortuner की चाबी, ये है फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले सेसप्पा की अनूठी कहानी
कर्नाटक के सेसप्पा की जिंदगी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है, जिन्होंने गरीबी की मार और पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैसे न होने का दर्द झेलने के बाद कड़ी मेहनत से अपनी किस्मत बदली है। आज वह लाखों की Fortuner गाड़ी से काम पर आते हैं और बेहद गर्व के स...
मजदूरी से सिंगापुर तक का सफर: 300 रुपये रोज कमाने वाले रामथुल्ला ने ठुकराया 15 लाख का पैकेज
कभी दिहाड़ी मजदूरी करके प्रतिदिन 300 रुपये कमाने वाले रामथुल्ला शेख ने अपनी मेहनत के दम पर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आज सिंगापुर की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं।
मां के गहने बेचकर तय किया दिल्ली तक का सफर, आज डॉ. संतोष पटेल संभाल रहे हैं बड़ी जिम्मेदारी
बिहार के बेतिया से निकलकर दिल्ली की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार बने डॉ. संतोष पटेल की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है।
रील और शॉर्टकट की दुनिया में धैर्य रखें युवा, पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर दी नसीहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की नई आत्मकथा का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के दौर में शॉर्टकट न अपनाने की सलाह दी।
5 एकड़ में करते थे तंबाकू की खेती, अब समाज से नशा मिटा रहे राजेंद्र राय
बिहार के शिवहर जिले के एक डाकपाल ने अध्यात्म का रास्ता अपनाकर न केवल अपनी बुरी आदतें छोड़ीं, बल्कि 100 से अधिक लोगों को भी नशामुक्त बनाया है।
गांव के सरकारी स्कूल से कृषि वैज्ञानिक बनने तक का सफर: एक शिक्षक की सलाह ने बदली डॉ अलख राम गौर की किस्मत
बालोद जिले के चिखली गांव के रहने वाले डॉ अलख राम गौर ने सरकारी स्कूल से अपनी शिक्षा शुरू की और एक शिक्षक के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान को अपना करियर बनाया। आज वे एक सफल कृषि वैज्ञानिक के रूप में किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
मन की घबराहट और बेचैनी से हैं परेशान, तो प्रेमानंद महाराज की ये 5 सीखें बदल देंगी आपका नजरिया
आज के तनावपूर्ण दौर में मानसिक शांति पाने के लिए प्रेमानंद महाराज द्वारा बताए गए ये पांच प्रभावी उपाय आपको चिंता और डर से मुक्ति दिलाने में मदद करेंगे।
बिलासपुर की अनूठी पहल: स्कूल की चारदीवारी से बाहर आया ज्ञान, गांव की हर दीवार बन गई है पाठशाला
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा गांव है जहां बच्चों को उच्च पदों पर पहुंचाने के लिए पूरे गांव को ही एक बड़े स्कूल में तब्दील कर दिया गया है। यहां गलियों की दीवारों पर लिखे प्रश्न-उत्तर बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।