अरुणाचल प्रदेश में म्यांमार सीमा पर उग्रवादी हमला, असम राइफल्स का एक जवान शहीद भारत 3 घंटे पहले 8
अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर पेट्रोलिंग कर रहे असम राइफल्स के जवानों पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक जवान की जान चली गई और चार जवान घायल हो गए।

सीमा पर सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत और म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है। यहां तैनात 21 असम राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम पर संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक गोलियां चला दीं। यह दुखद घटना सुबह के लगभग 6.30 बजे नामपोंग सर्कल के अंतर्गत नामपोंग नाला के समीप हुई। जिस समय यह हमला हुआ, उस समय सुरक्षा बल सीमा पर चल रहे बाड़ लगाने के कार्यों के दौरान इलाके में गश्त कर रहे थे। इस हमले के बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

गोलीबारी में हवलदार शहीद

प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, उग्रवादियों की ओर से की गई भारी गोलीबारी की चपेट में आने से 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और वह शहीद हो गए। इस घटना में चार अन्य जवान भी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें उपचार के लिए तत्काल चिकित्सा केंद्र ले जाया गया है। फिलहाल घायल जवानों की स्थिति और उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई शुरू करते हुए पूरे इलाके को घेर लिया है और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्राथमिक तौर पर इस हमले के पीछे NSCN (K-YA) से जुड़े उग्रवादियों का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर हमलावरों की पहचान की पुष्टि नहीं की गई है।

प्रशासन और पुलिस की नजर

चांगलांग जिले के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें इस हमले के बारे में सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे घटना स्थल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों और साक्ष्यों को एकत्रित करें। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है। उल्लेखनीय है कि चांगलांग जिले की म्यांमार के साथ लगती सीमा काफी संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के दोनों ओर सक्रिय उग्रवादी गुट अक्सर सक्रिय रहते हैं और उनकी आवाजाही बनी रहती है।

मणिपुर में भी हुई थी मुठभेड़

हाल ही के दिनों में पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों का यह दूसरा बड़ा ऑपरेशन है। इससे पूर्व मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में भारतीय सेना और असम राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। हेंगलेप सब-डिविजन के फाइबोंग गांव में 29 अगस्त की रात से सुरक्षा बलों ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) के एक कैंप पर नजर रखी थी। इसके बाद 2 सितंबर की सुबह 5 बजे सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की, जिसमें हुई मुठभेड़ में UKNA के 2 उग्रवादी मारे गए और 2 अन्य घायल हो गए। गौरतलब है कि UKNA उन संगठनों में शामिल नहीं है जिन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के साथ 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (SoO) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप