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3 घंटे पहले
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एक ऐतिहासिक पड़ाव: सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को एक मील का पत्थर पार कर लिया है। सरकार के मुखिया के पद पर कार्य करते हुए उन्हें पूरे 25 साल हो चुके हैं। इस लंबी और निरंतर यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को हुई थी, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। मई 2014 तक गुजरात का नेतृत्व करने के बाद, उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली और अब वे लगातार अपने 3 कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरे कर चुके हैं। इस उपलब्धि के अवसर पर वैश्विक स्तर के कई दिग्गज नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के कद को बढ़ाने वाले प्रयासों की सराहना की है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति ने विकास मॉडल को सराहा
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने पीएम मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई प्रेषित की है। उन्होंने भारत के लोगों की सेवा में उनके भविष्य के प्रयासों के लिए भी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। राष्ट्रपति मार्कोस के शब्दों में, गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता बनने तक का पीएम मोदी का सफर सुशासन, तकनीकी नवाचार, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रगति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन प्रयासों ने न केवल भारत के भीतर एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को भी नई मजबूती प्रदान की है।
जापान की प्रधानमंत्री ने दिया नेतृत्व को सम्मान
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भी पीएम मोदी के लंबे राजनीतिक नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई संदेश भेजा। ताकाइची ने इस बात पर जोर दिया कि 2001 से अब तक लगातार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने एक शानदार और दूरदर्शी नेतृत्व प्रदर्शित किया है। उन्होंने भारतीय समाज के उत्थान और राष्ट्र के चौमुखी विकास के लिए मोदी द्वारा किए गए लंबे संघर्ष और कार्यों की सराहना की। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में मोदी का योगदान अतुलनीय है और उनके लिए गहरा सम्मान रखते हैं।
भूटान के पीएम टोबगे ने बताया बड़े भाई जैसा
भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे ने पीएम मोदी के साथ अपने संबंधों को बेहद भावुक अंदाज में बयां किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन्हें अपना ‘बड़ा भाई’ संबोधित करते हुए आभार जताया। टोबगे ने बताया कि प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने जिस तरह से भूटान का सहयोग किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रिश्ता केवल उम्र के फासले तक सीमित नहीं है, बल्कि स्नेह और भाईचारे पर आधारित है। यही नहीं, भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को ‘विष्णु का अवतार’ तक बताया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में प्रबुद्ध और कल्याणकारी शासकों को इसी दृष्टि से देखा जाता है। पीएम मोदी ने बुधवार को टोबगे के इस विचार का समर्थन करते हुए एक लेख साझा किया, जिसमें उनके नेतृत्व को बुद्धिमत्ता, साहस और निस्वार्थ सेवा का मिश्रण बताया गया है।
बोत्सवाना और डोमिनिका के राष्ट्र प्रमुखों की प्रशंसा
बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिडियन बोको ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए उनके प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने भारत की जनता के लिए मोदी के समर्पण की प्रशंसा की और भविष्य के लिए सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने भारत और बोत्सवाना के बीच मित्रता के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की इच्छा जाहिर की। वहीं, कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने पीएम मोदी को अपना ‘प्रिय मित्र’ बताते हुए उनके साथ के संबंधों को अत्यंत मूल्यवान बताया। स्केरिट ने डोमिनिका के प्रति मोदी द्वारा दिखाई गई उदारता के लिए आभार जताया और भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा किया।
नाइजीरिया और बेल्जियम के नेताओं का संदेश
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनूबू ने पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक सफर को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने नाइजीरियाई सरकार और वहां के निवासियों की ओर से बधाई देते हुए कहा कि मोदी ने विकास, डिजिटल क्रांति, वित्तीय समावेशन और इनोवेशन के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, वे प्रेरणादायक हैं। उधर, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने मोदी को 25 साल के निरंतर नेतृत्व के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने हालिया भारत दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले महीने भारत यात्रा काफी सार्थक रही और वे दोनों देशों के बीच साझेदारी को भविष्य में और गहरा करने के प्रति आशान्वित हैं।
पीएम मोदी का संकल्प: सेवा ही मिशन
इन बधाइयों के बीच पीएम मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में स्पष्ट किया कि यह 25 साल का सफर उनके लिए किसी व्यक्तिगत महिमामंडन का साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से देश की जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। मोदी ने जोर देकर कहा कि वे किसी निजी महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी मिशन के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। उन्होंने इन वर्षों के अनुभव को देश की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपना दृढ़ संकल्प दोहराया। उनके संदेश में भविष्य की चुनौतियों से निपटने और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की स्पष्ट दृष्टि दिखाई दी।
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