आम और लीची का बगीचा लगाने की योजना? पहले समझ लें कृषि वैज्ञानिक की यह अहम सलाह बिहार 4 घंटे पहले 4
आम और लीची जैसे फलदार पौधों के रोपण के लिए मई के अंतिम सप्ताह से जून-जुलाई तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. पाटिल ने वैज्ञानिक तरीके से पौधरोपण और देखभाल की पूरी प्रक्रिया समझाई है।

यदि आप अपने खेत या बगीचे में आम या लीची के फलदार पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा मौसम इसके लिए सबसे अनुकूल माना जा रहा है। अक्सर किसानों के मन में यह उलझन रहती है कि पौधे किस समय लगाए जाएं, उन्हें लगाने का सही तरीका क्या है और शुरुआती देखभाल कैसे की जाए ताकि पौधे न सूखें और आगे चलकर अच्छी पैदावार दें। इन्हीं सवालों के जवाब बेगूसराय कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. पाटिल ने विस्तार से दिए और वैज्ञानिक पद्धति से पौधरोपण की पूरी विधि समझाई।

पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय

डॉ. पाटिल के अनुसार, आम और लीची जैसे फलदार पौधों के रोपण के लिए मई के अंतिम सप्ताह से लेकर जून और जुलाई तक का समय सबसे बेहतर रहता है। इस अवधि में पौधे लगाने पर उनकी जड़ों का विकास अच्छी तरह होता है और मानसून की बारिश पौधों की बढ़वार में अहम भूमिका निभाती है। यही कारण है कि जून-जुलाई के महीने को आम और लीची का बगीचा लगाने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है।

गड्ढा खोदने की सही विधि

उन्होंने बताया कि पौधा लगाने से पहले 3 फीट लंबा, 3 फीट चौड़ा और 3 फीट गहरा गड्ढा खोदना चाहिए। गड्ढा खोदते समय ऊपर की डेढ़ फीट मिट्टी को एक तरफ और नीचे की डेढ़ फीट मिट्टी को दूसरी तरफ अलग-अलग रख देना चाहिए। ऐसा करने से बाद में मिट्टी को वैज्ञानिक तरीके से तैयार करने में आसानी होती है।

21 दिनों तक गड्ढे को खुला छोड़ें

डॉ. पाटिल का कहना है कि गड्ढा खोदने के बाद उसे करीब 21 दिनों तक खुला छोड़ देना चाहिए। इससे गड्ढे की मिट्टी को पर्याप्त धूप मिलती है और मिट्टी में मौजूद कई तरह के रोगजनक जीवाणु एवं हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं। यह प्रक्रिया पौधों को शुरुआती बीमारियों से बचाने में मददगार साबित होती है।

खाद और कीटनाशक का सही मिश्रण

उन्होंने बताया कि 21 दिन बाद गड्ढे को भरते समय ऊपरी मिट्टी में 20 से 25 किलोग्राम अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलानी चाहिए। इसके साथ 2 किलोग्राम नीम खली, 1 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट और 250 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश भी मिलाना जरूरी है। जड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से बचाव के लिए 15 से 20 ग्राम उपयुक्त कीटनाशक मिलाने की भी सलाह दी गई है।

एक-दो बारिश के बाद लगाएं पौधा

कृषि वैज्ञानिक के मुताबिक, सभी सामग्री मिलाकर गड्ढा भरने के बाद उसे एक-दो अच्छी बारिश होने तक यूं ही छोड़ देना चाहिए। इसके बाद जब आम या लीची का पौधा लगाया जाता है, तो वह तेजी से बढ़ता है और स्वस्थ रहता है। स्वस्थ पौधे ही आगे चलकर बेहतर फल देते हैं।

वैज्ञानिक विधि अपनाने की अपील

डॉ. पाटिल ने किसानों से अपील की कि वे फलदार पौधों के रोपण में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं। सही समय पर सही ढंग से पौधरोपण करने से पौधों के जीवित रहने की क्षमता बढ़ती है, उत्पादन बेहतर होता है और किसानों को अधिक मुनाफा भी मिलता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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