उपनाम: कृषि वैज्ञानिक सलाह
मानसून में गन्ने की फसल को नुकसान से कैसे बचाएं? कृषि वैज्ञानिक ने बताए खाद और दवाओं के छिड़काव के जरूरी तरीके
बिहार के पश्चिम चम्पारण में लगातार हो रही बारिश के बीच कृषि वैज्ञानिक ने गन्ने की फसल को सुरक्षित रखने के लिए जल निकासी, खाद के सही संतुलन और फफूंद जनित रोगों से बचाव के बेहद महत्वपूर्ण उपाय साझा किए हैं।
आम और लीची का बगीचा लगाने की योजना? पहले समझ लें कृषि वैज्ञानिक की यह अहम सलाह
आम और लीची जैसे फलदार पौधों के रोपण के लिए मई के अंतिम सप्ताह से जून-जुलाई तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. पाटिल ने वैज्ञानिक तरीके से पौधरोपण और देखभाल की पूरी प्रक्रिया समझाई है।
धान से ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने बताए पैदावार बढ़ाने के नुस्खे
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान धान के साथ सोयाबीन उगाकर कम लागत में अच्छा मुनाफा पा सकते हैं। उन्नत किस्में करीब 100 दिनों में तैयार हो जाती हैं और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज दे सकती हैं।
मक्के की बुआई से पहले करें बीज उपचार, बढ़ेगी पैदावार — सुनिए पलामू के कृषि वैज्ञानिक की राय
पलामू में खरीफ सीजन की मक्का बुआई शुरू हो गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप पांडे ने कार्बेन्डाजिम, राइस वाटर और सीड ड्रम के जरिए बीज उपचार की सलाह दी है, जिससे रोग कम और उत्पादन अधिक होता है।
गोबर खाद को सीधे खेत में डालना पड़ सकता है भारी, कृषि वैज्ञानिक से जानिए तैयार करने का सही तरीका
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गोबर को खुले में धूप में रखने से उसके लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। छायादार जगह पर नमी के साथ सड़ाकर तैयार की गई खाद ही फसल को दोगुना फायदा पहुंचाती है।
धान की उन्नत किस्में बदल सकती हैं किसानों की किस्मत, बुवाई से पहले जानें कृषि वैज्ञानिक की राय
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारी के बीच कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली, रोग प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल धान की उन्नत किस्में अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही बीज चयन और वैज्ञानिक खेती से कम लागत में बेहतर पैदावार प...
धान की नर्सरी में मेढ़ विधि अपनाएं और पाएं बंपर पैदावार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मौर्या ने बताए 3 खास सूत्र
भोजपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ए. के. मौर्या ने धान सीजन में किसानों को पारंपरिक तरीका छोड़कर नर्सरी में मेढ़ विधि अपनाने, बीज उपचार करने और बेहतर पोषण प्रबंधन करने की सलाह दी है। इससे स्वस्थ बिचड़ा तैयार होगा और फसल की पैदावार बढ़ेगी।