बच्चे का आर्थिक भविष्य करना है सुरक्षित? आज ही अपनाएं ये स्मार्ट निवेश योजनाएं व्यापार 3 घंटे पहले 3
हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा बड़ा होकर पैसों की तंगी न झेले। बचत खाता, एफडी, म्यूचुअल फंड, सुकन्या समृद्धि और NPS वात्सल्य जैसी योजनाएं समय रहते शुरू करके बच्चे के लिए मजबूत वित्तीय आधार बनाया जा सकता है।

हर माता-पिता की यही ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा बड़ा होकर आर्थिक रूप से सुरक्षित और आत्मनिर्भर बने तथा कभी पैसों की कमी का सामना न करे। लेकिन वित्तीय समझ और निवेश की आदतें एक दिन में नहीं बनतीं, इनकी नींव बचपन से ही रखनी पड़ती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कम उम्र में बचत और निवेश की जानकारी बच्चों को आगे चलकर बेहतर आर्थिक फैसले लेने में मदद करती है। आज बाजार में कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनकी मदद से बच्चों के भविष्य के लिए ठोस वित्तीय आधार तैयार किया जा सकता है।

बचत खाता और एफडी से करें शुरुआत

बच्चों को पैसों का महत्व समझाने के लिए बचत खाता सबसे सरल और लोकप्रिय जरिया माना जाता है। कई बैंक नाबालिगों के नाम पर सेविंग अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं और कुछ मामलों में 10 वर्ष की आयु के बाद बच्चे सीमित रूप से खुद खाते का संचालन भी कर सकते हैं। इसके साथ माता-पिता बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी खुलवा सकते हैं, जो आमतौर पर बचत खाते की तुलना में ज्यादा ब्याज देती है। इसके अलावा कई बैंक डेबिट कार्ड और पैरेंटल कंट्रोल वाली डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं, जिससे बच्चे सुरक्षित तरीके से डिजिटल लेनदेन करना सीख सकते हैं।

डिमैट अकाउंट से समझें शेयर बाजार

अगर माता-पिता बच्चों को निवेश की दुनिया से परिचित कराना चाहते हैं, तो नाबालिग डिमैट अकाउंट एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इस खाते के जरिए बच्चे के नाम पर शेयर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स रखी जा सकती हैं, हालांकि 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक खरीद-बिक्री का अधिकार अभिभावक के पास ही रहता है। इस व्यवस्था से बच्चों को लंबी अवधि में निवेश, चक्रवृद्धि रिटर्न और शेयर बाजार की कार्यप्रणाली समझने का मौका मिलता है। बच्चे के वयस्क होते ही यह खाता सामान्य डिमैट अकाउंट में बदल जाता है।

म्यूचुअल फंड से बन सकता है बड़ा फंड

बच्चों के भविष्य के लिए म्यूचुअल फंड भी तेजी से पसंद किए जा रहे हैं। माता-पिता बच्चे के नाम पर व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) के माध्यम से नियमित रूप से पैसा लगा सकते हैं। म्यूचुअल फंड में इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और टैक्स बचत वाले कई विकल्प मौजूद हैं। लंबी अवधि में ये बाजार से जुड़े रिटर्न देते हैं, जिससे अच्छी संपत्ति बनाने की संभावना बनी रहती है। यदि निवेश का मकसद उच्च शिक्षा, विदेश में पढ़ाई या किसी बड़े खर्च की तैयारी है, तो यह विकल्प बेहद कारगर साबित हो सकता है।

सुकन्या समृद्धि और डाकघर की योजनाएं

जो परिवार सुरक्षित और सरकारी गारंटी वाले निवेश को तरजीह देते हैं, उनके लिए डाकघर की विभिन्न योजनाएं आकर्षक रहती हैं। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC), टाइम डिपॉजिट और आवर्ती जमा जैसी योजनाएं स्थिर रिटर्न देती हैं। वहीं 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना सबसे लोकप्रिय योजनाओं में गिनी जाती है, जिसमें आकर्षक ब्याज दर के साथ टैक्स लाभ भी मिलता है। कम राशि से शुरुआत करने की सुविधा इसे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भी सुलभ बनाती है। बेटी की शिक्षा और विवाह जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए यह योजना खासतौर पर उपयोगी मानी जाती है।

NPS वात्सल्य से बचपन में ही रिटायरमेंट प्लानिंग

हाल ही में शुरू हुई NPS वात्सल्य योजना बच्चों के लिए एक अनोखे निवेश विकल्प के रूप में सामने आई है। इसमें माता-पिता कम राशि से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और बच्चे के 18 वर्ष का होते ही यह खाता नियमित NPS खाते में परिवर्तित हो जाता है। यह योजना सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को लंबी अवधि की वित्तीय योजना और धैर्य का महत्व भी सिखाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में रिटायरमेंट जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों की समझ विकसित करना भविष्य में बेहतर आर्थिक निर्णय लेने में मददगार साबित हो सकता है।

बचपन की छोटी सीख, भविष्य की बड़ी ताकत

वित्तीय विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों को केवल पैसा देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें पैसे का सही उपयोग और निवेश करना सिखाना भी जरूरी है। बचपन में सीखी गई बचत और निवेश की आदतें जीवनभर काम आती हैं। चाहे बचत खाता हो, म्यूचुअल फंड, सुकन्या समृद्धि योजना या NPS वात्सल्य—सही समय पर शुरू किया गया निवेश भविष्य में बड़ा आर्थिक सहारा बन सकता है। आज की छोटी-सी योजना आने वाले वर्षों में बच्चों को आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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