बेटी के भविष्य के लिए कौन सी स्कीम चुनें? PPF या सुकन्या समृद्धि...सही फैसला बना सकता है मालामाल! व्यापार एक घंटा पहले 3
अगर आपकी बेटी 10 साल की है तो PPF और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों सुरक्षित निवेश के बड़े विकल्प हैं, लेकिन ब्याज, मैच्योरिटी और रिटर्न के मामले में दोनों में अहम अंतर है। जानिए कौन सी योजना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है।

अगर आपकी बेटी 10 साल की है और आप उसके सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि पीपीएफ बेहतर रहेगा या फिर सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) में पैसा लगाना सही होगा। ये दोनों ही सरकारी योजनाएं हैं और इनमें किए गए निवेश पर टैक्स में छूट भी मिलती है। लेकिन ब्याज, रिटर्न और मैच्योरिटी के मामले में दोनों के बीच काफी फर्क है।

आजकल माता-पिता अपनी बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए समय रहते निवेश करना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में सही स्कीम का चुनाव बेहद अहम हो जाता है। सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) को खासतौर पर बेटियों के लिए तैयार किया गया है, जबकि पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध है। आइए समझते हैं कि 10 साल की बेटी के लिए कौन सी योजना ज्यादा लाभकारी हो सकती है।

ब्याज दर और मैच्योरिटी में बड़ा अंतर

फिलहाल SSY योजना पर सालाना 8.2% ब्याज मिल रहा है, जबकि पीपीएफ पर 7.1% की दर से ब्याज दिया जा रहा है। ज्यादा ब्याज मिलने के कारण SSY में जमा रकम तेजी से बढ़ती है। SSY खाता बेटी के 21 साल की उम्र तक चलता है या फिर उसकी शादी के समय मैच्योर हो जाता है। अगर बेटी अभी 10 साल की है, तो यह योजना करीब 11 साल और जारी रहेगी। दूसरी ओर, पीपीएफ की मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में सिर्फ 1% का अतिरिक्त ब्याज भी लाखों रुपये का अंतर पैदा कर सकता है। यही कारण है कि बेटियों के लिए SSY को ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

निवेश की सीमा और टैक्स का फायदा

दोनों ही योजनाओं में टैक्स का लाभ मिलता है। पीपीएफ में हर साल कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। SSY योजना में भी सालाना अधिकतम सीमा यही है, हालांकि इसमें कम से कम 250 रुपये से शुरुआत की जा सकती है।

ये दोनों योजनाएं EEE श्रेणी में आती हैं, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि—तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता। निवेशकों के लिए इसे बड़ा फायदा माना जाता है। हालांकि एक अंतर यह है कि SSY खाता केवल बेटी के नाम पर ही खोला जा सकता है, जबकि पीपीएफ खाता माता-पिता अपने नाम या बच्चे के नाम पर खोल सकते हैं।

10 साल की बेटी के लिए कितना बन सकता है फंड?

मान लीजिए माता-पिता हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं, यानी सालाना 1.2 लाख रुपये जमा करते हैं। अगर यही रकम सुकन्या समृद्धि योजना में लगाई जाए, तो 8.2% ब्याज के हिसाब से करीब 11 साल में लगभग 23.5 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है। वहीं पीपीएफ में 7.1% ब्याज के अनुसार 15 साल बाद लगभग 32 लाख रुपये तक की राशि जमा हो सकती है, क्योंकि पीपीएफ की अवधि अपेक्षाकृत लंबी होती है।

अगर SSY में निवेश बेटी के 21 साल की उम्र तक जारी रखा जाए, तो मैच्योरिटी पर बड़ा फंड बन सकता है, जो पढ़ाई या शादी के खर्च में मददगार साबित हो सकता है।

आखिर कौन सी योजना ज्यादा बेहतर?

अगर आपका लक्ष्य बेटी के भविष्य के लिए ज्यादा रिटर्न के साथ सुरक्षित निवेश करना है, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प मानी जाती है। इसमें ब्याज दर ज्यादा है और यह खास तौर पर बेटियों के लिए ही बनाई गई है। वहीं पीपीएफ उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त हो सकता है जो अधिक लचीलापन चाहते हैं और लंबे समय तक निवेश जारी रखना चाहते हैं।

पीपीएफ में 5 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है, जबकि SSY में कुछ शर्तों के साथ 18 साल की उम्र के बाद पैसा निकाला जा सकता है। 10 साल की बेटी के लिए ज्यादातर मामलों में सुकन्या समृद्धि योजना ही अधिक फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि बेहतर वित्तीय योजना के लिहाज से दोनों योजनाओं में संतुलित तरीके से निवेश करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!