बिहार
एक दिन पहले
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बिहार के सीतामढ़ी जिले में हुए बहुचर्चित सुंदर यादव हत्याकांड के दो कुख्यात और फरार आरोपियों को पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया है। वसीम और अकरम नाम के इन दोनों अभियुक्तों को उत्तराखंड के ऋषिकेश में बिहार पुलिस और दून पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद दबोचा। दोनों आरोपी 18 मई 2026 को नानपुर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के बाद से ही फरार चल रहे थे।
क्या था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात नानपुर थाना क्षेत्र के महुआगाछी गांव में हुई थी। इस घटना में सीएसपी संचालक और पूर्व मुखिया के भतीजे सुंदर यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से ही वसीम और अकरम की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही थी।
ऋषिकेश से मिली अहम सूचना
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों आरोपी उत्तराखंड के ऋषिकेश में छिपे हुए हैं। गुप्त सूचना मिलते ही बिहार पुलिस और उत्तराखंड की दून पुलिस ने मिलकर संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, दोनों अभियुक्तों ने भागने की कोशिश की, जिसके चलते मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ में पैरों में लगी गोली
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों से पूछताछ जारी है और उनसे अन्य आपराधिक मामलों को लेकर भी अहम खुलासे होने की संभावना है। इनके नेटवर्क और फरार सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी
इस कार्रवाई को सीतामढ़ी पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से चल रहे सुंदर यादव हत्याकांड के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। अब सभी की निगाहें आगे की जांच पर टिकी हुई हैं।
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