पटना के PMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी सेवाएं ठप, मरीज बेहाल बिहार 2 महीने पहले 71
पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कामकाज बंद कर दिया है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

PMCH में चिकित्सा व्यवस्था पर संकट

अगर आप इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल यानी PMCH जाने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए। यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था फिलहाल पूरी तरह से चरमरा गई है। जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर पड़ा है। ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप होने के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है या उन्हें लंबी कतारों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के इस बड़े फैसले के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, जूनियर डॉक्टरों ने मानवता के आधार पर इमरजेंसी सेवाओं को इस हड़ताल से बाहर रखा है। इसका मतलब यह है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज जारी रहेगा, लेकिन सामान्य बीमारियों और जांच के लिए आने वाले मरीजों के लिए ओपीडी के दरवाजे फिलहाल बंद हैं। इमरजेंसी के अलावा अस्पताल के अन्य सभी विभागों का काम काज पूरी तरह बाधित है।

जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगें

डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन और सरकार के सामने गुहार लगा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई न होने के बाद उन्हें यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • बेहतर सुरक्षा व्यवस्था: डॉक्टरों के साथ बढ़ती हिंसा की घटनाओं को देखते हुए वे अस्पताल परिसर में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
  • त्वरित कानूनी कार्रवाई: डॉक्टरों ने यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि यदि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना या हिंसा होती है, तो संबंधित व्यक्ति पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
  • वेतन और स्टाइपेंड का भुगतान: पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन संशोधन में लगातार हो रही देरी को लेकर भारी आक्रोश है।
  • सुविधाओं का आधुनिकीकरण: अस्पताल में दवाओं की कमी, आधुनिक उपकरणों का अभाव, आईसीयू बेड की सीमित संख्या और एम्बुलेंस सेवाओं को सुचारू करने जैसी बुनियादी समस्याओं को हल करने की मांग उठाई गई है।

नर्सों का प्रदर्शन समाप्त

इस बीच अस्पताल से राहत की एक छोटी सी खबर भी आई है। इससे पहले अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर नर्सों ने भी प्रदर्शन किया था, लेकिन अब वे काम पर वापस लौट आई हैं। अस्पताल अधीक्षक की ओर से उनकी मांगों को पूरा करने का ठोस आश्वासन मिलने के बाद नर्सों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया है और वे अपनी ड्यूटी पर तैनात हो गई हैं। हालांकि, जूनियर डॉक्टरों का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है, जिसके कारण अस्पताल में तनाव और अव्यवस्था का माहौल बरकरार है। मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलेगा और सेवाएं सामान्य हो सकेंगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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