बिहार
एक घंटा पहले
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पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट को लेकर समस्तीपुर जिले में उपजे विवाद के बीच बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने दो टूक कहा कि निर्माणाधीन इस सड़क के मार्ग में किसी प्रकार का कोई फेरबदल नहीं किया गया है। अलाइनमेंट बदलने और किसी के दबाव में निर्णय लेने के दावों को सरकार ने भ्रामक और पूरी तरह आधारहीन करार दिया है।
विभाग के अनुसार, समस्तीपुर जिले में एक्सप्रेसवे के रूट में किसी भी तरह का संशोधन नहीं हुआ है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से तय नक्शे के मुताबिक ही आगे बढ़ रही है। यह अलाइनमेंट वही है, जिसे जनवरी 2025 में स्वीकृति मिली थी।
किलोमीटर 48 से 53 के बीच बदलाव के दावे को खारिज किया
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि परियोजना के किलोमीटर 48 से 53 के बीच एक्सप्रेसवे का रास्ता बदला गया है। विभाग ने इस दावे को सिरे से नकारते हुए स्पष्ट किया कि उस हिस्से में न तो कोई डिविएशन हुआ है और न ही कोई संशोधन।
सचिव ने बताया कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का मार्ग सामाजिक-आर्थिक पहलुओं, तकनीकी मानकों और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के आधार पर निर्धारित किया गया है। इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव, एनएचएआई अध्यक्ष और महानिदेशक समेत विशेषज्ञों की ‘अलाइनमेंट कमेटी’ ने विस्तृत समीक्षा के बाद मंजूरी दी थी।
रूट बदलने का दावा निराधार
इस अलाइनमेंट पर 15 जनवरी 2025 को मुहर लग चुकी है। विभाग के मुताबिक, 6 मार्च 2026 को जारी 3A अधिसूचना भी इसी स्वीकृत अलाइनमेंट पर आधारित है। ऐसे में किसी प्रभाव या दबाव में रास्ता बदले जाने का दावा पूरी तरह बेबुनियाद है। विभाग ने यह भी कहा कि मीडिया में प्रकाशित कथित अलाइनमेंट नक्शा वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं है।
स्पष्टीकरण में के.एस.आर. कॉलेज को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। विभाग ने कहा कि कॉलेज की मुख्य इमारत पूरी तरह सुरक्षित है। एक्सप्रेसवे के लिए केवल कॉलेज की कुछ खाली जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ रही है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
केवल 65 ढांचे होंगे प्रभावित
पथ निर्माण विभाग ने यह भी बताया कि मौजूदा अलाइनमेंट का चयन करते समय लोगों के विस्थापन को कम से कम रखने की कोशिश की गई है। इस रूट से सिर्फ 65 आवासीय और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित हो रहे हैं, जबकि कथित वैकल्पिक मार्ग अपनाने पर 200 से अधिक निर्मित संरचनाएं प्रभावित होतीं और बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापित होना पड़ता।
विभाग ने जनता से अपील की है कि वे एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।
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