पटना में NEET विवाद का असर: प्रदर्शन के दौरान BJP विधायक की गाड़ी पर हमला, जबरदस्त तोड़फोड़ बिहार एक महीने पहले 58
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पटना में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है, जिसमें बीजेपी विधायक रोहित पांडेय के काफिले पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना सामने आई है।

नीट विरोध प्रदर्शन में हिंसा का तांडव

बिहार की राजधानी पटना में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों द्वारा निकाला गया मार्च हिंसक हो गया है। बुधवार को गांधी मैदान से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में फैल गया और हिंसक झड़पों में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हंगामे के कारण प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। स्थिति को शांत करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया, जिसके बावजूद शहर के कई इलाकों में तनाव बरकरार रहा। इस पूरी झड़प में कई पुलिसकर्मी, छात्र और पत्रकार घायल हुए हैं।

बीजेपी विधायक पर हमला

इस बवाल के दौरान सबसे चौंकाने वाली खबर पटना म्यूजियम के पास से सामने आई, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक रोहित पांडेय के काफिले को निशाना बनाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब विधायक का काफिला वहां से गुजर रहा था, तभी आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया और उनके वाहन पर पथराव कर दिया। इस हमले में गाड़ी के शीशे टूट गए और काफी नुकसान हुआ। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए बड़ी मशक्कत के बाद विधायक को सुरक्षित वहां से निकाला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था।

मंत्री के आवास के बाहर भी हंगामा

प्रदर्शन का असर केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वीवीआईपी क्षेत्रों तक भी पहुंच गया। खबर है कि प्रदर्शन के दौरान ही बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव के आवास के बाहर खड़ी एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारी लगातार मुख्यमंत्री आवास और बिहार विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और विधानसभा के सभी प्रवेश द्वारों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। पूरे वीवीआईपी इलाके में अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

शहर भर में तनाव का माहौल

नीट परीक्षा को लेकर छात्रों का गुस्सा बुधवार की सुबह से ही चरम पर था। हालांकि मार्च शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ था, लेकिन दोपहर होते-होते इसमें हिंसा और तोड़फोड़ शामिल हो गई। पुलिस के मुताबिक, असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की है। फिलहाल प्रशासन ने पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। शहर के कई हिस्सों में अभी भी पुलिस बल तैनात है और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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