अभी सस्ते में लीजिए आम का स्वाद, जल्द बढ़ेंगे दाम; पटना मंडी में गिरे भाव बिहार एक घंटा पहले 3
पटना फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन के अनुसार बारिश का मौसम शुरू होते ही आम के दाम बढ़ सकते हैं। फिलहाल मंडी में आम सस्ते दाम पर मिल रहे हैं, जिससे ग्राहकों को राहत है पर किसानों को मुनाफा नहीं हो रहा।

अगर आपको आम खाना पसंद है तो इन दिनों इसका भरपूर स्वाद ले लीजिए, क्योंकि आने वाले समय में इसकी कीमतों में उछाल आ सकता है। इस समय जो आम 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है, आगे चलकर उसका भाव 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है।

पटना फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद का कहना है कि जैसे ही बारिश का मौसम दस्तक देगा, आम के दाम चढ़ने लगेंगे। इसका सीधा फायदा किसानों को होगा, जबकि आम खरीदार को इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने इसकी वजह मानसून को बताया। उनके मुताबिक अभी गर्मी के चलते कीमतें काफी नीचे चल रही हैं।

जून के मध्य के बाद चढ़ेंगे भाव

शशिकांत प्रसाद ने आगे बताया कि इस समय पटना की मंडी में आम के भाव काफी गिर चुके हैं। कई किस्मों के आम तो 30 रुपये प्रति किलो तक में बिक रहे हैं। हर दिन मंडी में 50 से 70 टन ऐसे आम पहुंच रहे हैं, जिनकी कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो के बीच है। मौजूदा परिस्थिति में किसानों को खास मुनाफा नहीं मिल पा रहा है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष का मानना है कि जून का मध्य बीतने के बाद आम की कीमतों में तेजी आने की पूरी संभावना है।

आखिर क्यों महंगे होंगे आम

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जय प्रकाश वर्मा ने बताया कि मुसल्लहपुर हाट स्थित बाजार समिति में ऑर्गेनिक तरीके से उगाए गए आम के साथ-साथ दीघा वाला दूधिया और मालदह समेत कई किस्में बिक रही हैं। इनकी कीमत 30 रुपये प्रति किलो से शुरू होकर गुणवत्ता के हिसाब से 200 रुपये तक जाती है। उन्होंने कहा कि आम का भाव उसकी क्वालिटी और किस्म पर निर्भर करता है।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि राजधानी की बाजार समिति में रोजाना 150 से 200 गाड़ी आम की आवक हो रही है। आने वाले दिनों में इसका दाम प्रति किलो 10 से 20 रुपये तक बढ़ जाएगा। 20 जून के बाद यूपी से भी आम की आवक तेज होगी, जिसका असर यहां के स्थानीय आमों पर भी दिखाई देगा।

बारिश से क्यों घटती है आपूर्ति

बरसात का सीजन शुरू होते ही आम की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। दरअसल बारिश के बाद आम की तुड़ाई प्रभावित होती है। तेज बारिश और आंधी फलों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे अच्छी गुणवत्ता वाले आम की मात्रा घट जाती है। बाजार में आपूर्ति कम होने पर कीमतें अपने आप ऊपर चली जाती हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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