राजनीति में एंट्री और इस्तीफे की वजह, पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा ने पहली बार तोड़ी चुप्पी बिहार एक दिन पहले 4
बिहार की पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा ने अपने इस्तीफे के कारणों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की है। उन्होंने राजनीति में आने की संभावनाओं के साथ-साथ खान सर की शिक्षा शैली की भी जमकर तारीफ की है।

राजनीति और भविष्य को लेकर क्या है रुख

बिहार कैडर की चर्चित रहीं पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा ने पहली बार अपने करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर खुलकर बात की है। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में जब उनसे सक्रिय राजनीति में आने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई निश्चित योजना नहीं है, लेकिन राजनीति समाज सेवा का एक बड़ा जरिया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें जनता के लिए कुछ बेहतर करने का मौका मिला, तो वह परिस्थितियों के अनुसार विचार जरूर करेंगी। पसंदीदा पार्टी को लेकर उन्होंने किसी दल का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि वह देशहित में काम करने वाली और अपनी विचारधारा से मेल खाने वाली पार्टी का चयन करेंगी।

इस्तीफे की असली वजह से उठा पर्दा

काम्या मिश्रा ने अपनी नौकरी छोड़ने के पीछे की अटकलों पर विराम लगाते हुए बताया कि यह फैसला पूरी तरह से व्यक्तिगत था। उन्होंने किसी भी तरह के राजनीतिक या विभागीय दबाव की खबरों को निराधार बताया। काम्या के अनुसार, उनके पिता का एक बड़ा व्यापार है और उनकी इकलौती संतान होने के नाते उन्हें उस जिम्मेदारी को संभालना था। उन्होंने बताया कि इस्तीफे के समय कई वरिष्ठ अधिकारियों और राजनेताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया था। साथ ही, उन्होंने बिहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक बेहद खूबसूरत राज्य है और इसे व्यर्थ ही बदनाम किया जाता है।

खान सर की सराहना और निजी जीवन के किस्से

इंटरव्यू के दौरान काम्या ने पटना के प्रसिद्ध शिक्षक खान सर की शिक्षा प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि खान सर जटिल विषयों को बहुत ही सरल तरीके से पेश करते हैं और शिक्षा को आम बच्चों की पहुंच तक लाकर उन्होंने एक बड़ी क्रांति की है। अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए उन्होंने पति और आईपीएस अधिकारी अवधेश दीक्षित के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अवधेश दीक्षित ने उन्हें किसी महंगी अंगूठी के बजाय घास से बनी अंगूठी देकर प्रपोज किया था। काम्या ने यह भी साझा किया कि भले ही वह अब सेवा में नहीं हैं, लेकिन पटना में वंचित वर्ग के बच्चों के लिए स्कूल खोलने का सपना अभी भी उनके मन में जीवित है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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