बिहार
2 घंटे पहले
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फर्जी पोस्ट के खिलाफ मुखर हुईं विधायक
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बीच भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने नाम से वायरल हो रहे फर्जी बयानों और पोस्ट पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से फैलाया जा रहा कंटेंट पूरी तरह से मनगढ़ंत है। मैथिली ठाकुर ने सीधे तौर पर महागठबंधन से जुड़े लोगों को इस राजनीतिक साजिश के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि उनकी छवि को धूमिल करने के लिए विरोधी दल भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं।
कानून के शासन पर दिया जोर
भरत तिवारी मामले पर अपनी राय रखते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि देश में कानून ही सबसे ऊपर है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया है, तो पुलिस और प्रशासन को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है और यदि कोई अधिकारी अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।
आधिकारिक बयानों पर भरोसा करने की अपील
विधायक ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे उनके नाम से वायरल हो रहे किसी भी पोस्टर या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि जब तक कोई बयान उनके निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो या आधिकारिक पोस्ट के माध्यम से उपलब्ध न हो, उसे उनका वक्तव्य न माना जाए। उन्होंने जोर दिया कि जनता को अफवाहों से सावधान रहना चाहिए और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान देना चाहिए।
सत्य और न्याय की राजनीति
अंत में मैथिली ठाकुर ने अपनी राजनीतिक विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी राजनीति का आधार सत्य, न्याय और कानून का शासन है। उन्होंने कहा कि झूठ और भ्रम फैलाना कुछ विपक्षी नेताओं की कार्यशैली हो सकती है, लेकिन वह इन हथकंडों से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सच्चाई का साथ दें और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से दूरी बनाएं।
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