ट्रेन की भीड़ झेलकर पहुंचे परीक्षा केंद्र, 'सिपाही' का पेपर देखकर खिल उठे चेहरे बिहार 2 घंटे पहले 2
मद्य निषेध सिपाही समेत 4128 पदों की परीक्षा रविवार को दो पालियों में हुई। दूर-दराज से ट्रेन की धक्कामुक्की झेलकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को उम्मीद से आसान बताया।

राजधानी पटना के कई परीक्षा केंद्रों पर रविवार को मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही की भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। कुल 4128 पदों के लिए हुई यह परीक्षा दो पालियों में कराई गई, जिसमें पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चली। सिवान, कैमूर और सहरसा समेत राज्य के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए।

कंकड़बाग स्थित एक परीक्षा केंद्र से बाहर निकले उम्मीदवारों के चेहरों पर साफ राहत झलक रही थी। हालांकि कुछ ही देर में वे केंद्र तक आने-जाने की परिवहन सुविधाओं को लेकर चिंतित भी दिखे। दूर-दराज के जिलों और दूसरे राज्यों से ट्रेन की भीड़ और धक्कामुक्की सहकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि रास्ता भले ही थका देने वाला रहा, मगर प्रश्न आसान निकले, जिससे सफर की सारी थकान भूल गई।

अधिकांश परीक्षार्थियों का मानना था कि सवाल पूरी तरह सिलेबस के अनुरूप थे और जिन्होंने तैयारी की थी, उनके लिए पेपर ज्यादा कठिन नहीं रहा। हालांकि विज्ञान और रीजनिंग के कुछ प्रश्नों को हल करने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगा।

ट्रेन में हुई परेशानी, पर पेपर ने कर दिया खुश

सहरसा से पटना पहुंचे देबन कुमार ने बताया कि ट्रेन में काफी दिक्कत हुई और भीड़-धक्कामुक्की के चलते सफर आसान नहीं रहा, लेकिन परीक्षा हॉल में सवाल देखते ही सारी थकान दूर हो गई। उनके अनुसार ज्यादातर प्रश्न किताबों और करंट अफेयर्स से पूछे गए थे। फाउंडेशन से भी कुछ सवाल आए, पर पढ़ाई करने वालों के लिए पेपर मुश्किल नहीं था। उन्होंने बताया कि करंट अफेयर्स से पांच-छह सवाल थे और फिजिक्स के प्रश्न भी आसान रहे। देबन ने करीब 70 से 75 प्रश्न हल करने का दावा किया।

विज्ञान के सवालों ने बढ़ाई चुनौती

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आए कैलाश सिंह ने प्रश्नपत्र को बेहतरीन बताया। उनके मुताबिक पेपर न तो बहुत आसान था और न ही ज्यादा कठिन। सबसे अधिक सवाल इतिहास, भूगोल और विज्ञान से पूछे गए, जबकि अर्थशास्त्र से एक भी प्रश्न नहीं आया। गणित के दो-तीन और रीजनिंग के कुछ सवाल भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि विज्ञान का हिस्सा बाकी विषयों की तुलना में कठिन लगा और कथन-निष्कर्ष वाले प्रश्नों में अधिक समय लगा। करंट अफेयर्स में 2024, 2025 और 2026 से जुड़े सवाल पूछे गए। कैलाश ने करीब 88 प्रश्न हल किए।

वन लाइनर सवालों की रही भरमार

कैमूर से आए राहुल रंजन ने बताया कि सवाल पूरी तरह सिलेबस पर आधारित थे। उनके अनुसार पेपर मॉडरेट स्तर का था और अधिकतर प्रश्न वन लाइनर रहे, यही वजह रही कि उन्हें हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा।

देरी से शुरू हुई परीक्षा, मन में उठीं आशंकाएं

एक अन्य अभ्यर्थी मुकेश ने बताया कि प्रश्नपत्र बांटने और परीक्षा आरंभ कराने में करीब 15 से 20 मिनट की देरी हुई। बाद में अतिरिक्त समय तो दिया गया, लेकिन शुरुआती देरी के दौरान कई परीक्षार्थियों के मन में पेपर लीक जैसी आशंकाएं उठ खड़ी हुईं। बाद में अधिकारियों ने इसे तकनीकी कारण और लॉक न खुलने की वजह बताया।

पेपर देखकर खिल उठे चेहरे

कैमूर के ओम सिंह ने परीक्षा के बाद खुशी जताते हुए कहा कि उनका पेपर बहुत अच्छा गया। उनके मुताबिक ज्यादातर सवाल सीधे और आसान थे, इसलिए तैयारी करके आए अभ्यर्थी आराम से उत्तर दे सकते थे। वन लाइनर सवालों की संख्या अधिक थी और समय लेने वाले प्रश्न बहुत कम रहे। यही कारण रहा कि परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरे पर संतोष और मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी।

परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रमुख सवाल

  • बिहार में महात्मा गांधी ने सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत कहां से की थी?
  • दमन से गोवा तक कौन-कौन से समुद्री तट स्थित हैं?
  • दूरी मापने की इकाई क्या है?
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम किससे संबंधित है?
  • तीनकठिया प्रथा किससे संबंधित थी?
  • बरौनी रिफाइनरी बिहार के किस जिले में स्थित है?

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!