बिहार
2 महीने पहले
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विचारों
बिहार में मानसून का कमजोर पड़ा प्रभाव
बिहार में मानसून के दस्तक देने के बावजूद राज्य के निवासियों को अभी भी झमाझम बारिश का इंतजार है। राज्य में फिलहाल मानसून की सक्रियता काफी कम नजर आ रही है, जिसका सीधा असर यहां के मौसम पर पड़ रहा है। अधिकांश जिलों में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन उनकी लुकाछिपी के बीच झमाझम बारिश गायब है। मानसून सिस्टम के कमजोर पड़ जाने के कारण प्रदेश भर में लोग उमस भरी भीषण गर्मी से जूझने को मजबूर हैं।
आज इन 24 जिलों में अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 24 जिलों के लिए शनिवार को येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जिन क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है, वे मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के हिस्से हैं।
येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिलों की सूची निम्नलिखित है:
- पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण
- गोपालगंज, सीवान और सारण
- सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली
- मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर
- सुपौल, सहरसा और खगड़िया
- मुंगेर, जमुई और बांका
- भागलपुर और मधेपुरा
- अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार
प्रदेश के बाकी बचे 14 जिलों में आज मौसम सामान्य रहने की संभावना है और वहां कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
5 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना नहीं
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आने वाले 5 जुलाई तक राज्य के किसी भी हिस्से में भारी बारिश होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। राजधानी पटना समेत राज्य के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा सकता है। वर्षा न होने से नमी के कारण दिन में उमस का स्तर काफी बढ़ जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अधिकतम तापमान में भी 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दोपहर के समय गर्मी का प्रकोप और भी अधिक महसूस होगा।
कैमूर रहा शुक्रवार को सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे ही दर्ज किया गया है। शुक्रवार को कैमूर जिला राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त औरंगाबाद में 37.7 डिग्री, गया में 37.2 डिग्री और पश्चिम चंपारण में भी 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में सबसे कम 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
क्यों धीमी हुई मानसून की रफ्तार?
बिहार में मानसून के धीमा होने के पीछे मौसम वैज्ञानिकों ने कुछ ठोस कारण बताए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बिहार को पर्याप्त मात्रा में नमी युक्त हवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके अलावा, वर्तमान समय में कोई भी मजबूत कम दबाव का क्षेत्र यानी लो-प्रेशर सिस्टम या ट्रफ लाइन सक्रिय नहीं है। इन मौसमी कारकों की कमजोरी के कारण ही राज्य में अब तक व्यापक या भारी बारिश नहीं हो पाई है।
औसत से 50 फीसदी कम वर्षा
इस वर्ष मानसून सीजन में बिहार को सामान्य से बहुत कम बारिश मिली है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि तक राज्य में करीब 196.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत अब तक केवल 98.4 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई है। यह आंकड़ा सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। बारिश की यह कमी सीधे तौर पर राज्य की खेती और किसानी के कार्यों पर बुरा प्रभाव डाल रही है, जिससे किसान परेशान हैं।
पटना में आज का मौसम कैसा रहेगा?
राजधानी पटना की स्थिति पर गौर करें तो आज यहां का मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा। आसमान में कहीं-कहीं हल्के बादल देखे जा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। दिन के समय तेज धूप निकलने से हवा में नमी बनी रहेगी, जो उमस को और अधिक बढ़ाएगी। पटना के अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की आशंका है, जिससे शहर के लोगों को गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।
आगे का अनुमान
अगले एक से दो दिनों तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव के संकेत मौसम विभाग की ओर से नहीं दिए गए हैं। बिहार के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क ही रहेगा और भीषण गर्मी बरकरार रहने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिक मानसून की गतिविधियों और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही खाड़ी में कोई मजबूत मौसमी सिस्टम विकसित होगा, उसके बाद ही बिहार में एक बार फिर से झमाझम वर्षा का दौर शुरू हो सकेगा।
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