बिहार में फिर जोर पकड़ेगा मानसून, 18 जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार में एक बार फिर मानसूनी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

मानसून की नई सक्रियता और अलर्ट

बिहार में मानसून एक बार फिर से अपनी सक्रिय अवस्था में लौट आया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है। शनिवार को मौसम विभाग की ओर से राज्य के कुल 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में न केवल मध्यम बारिश के आसार हैं, बल्कि 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम जनता को विशेष रूप से बिजली चमकने और वज्रपात की घटनाओं के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है।

किन इलाकों में दिखेगा असर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिन जिलों में यह अलर्ट लागू किया गया है उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण शामिल हैं। इसके अलावा बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद के निवासियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। उत्तर और पूर्वी बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। इन सभी इलाकों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने की पूरी उम्मीद है।

7 अगस्त तक बना रहेगा खुशनुमा मौसम

राज्य के अन्य जिलों में फिलहाल मौसम के सामान्य बने रहने के संकेत हैं, जहां दिन भर धूप और छांव की स्थिति बनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बिहार में मानसून की यह सक्रियता 7 अगस्त तक जारी रहेगी और इस दौरान मौसम का मिजाज काफी सुहावना बना रहेगा। बीते 24 घंटों की बात करें तो पटना, बेतिया, नालंदा, रक्सौल और सासाराम जैसे शहरों में बारिश दर्ज की गई है। हालांकि गर्मी का असर भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि शुक्रवार को कैमूर का भभुआ जिला 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।

बारिश की कमी और मानसून की स्थिति

बारिश का दौर शुरू होने के बावजूद बिहार में सूखे जैसे हालात से पूरी तरह निजात नहीं मिली है। मौजूदा आंकड़े चिंताजनक हैं क्योंकि राज्य में अब तक 503.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तव में केवल 297.8 मिलीमीटर पानी ही बरस पाया है। यह आंकड़ा सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश को दर्शाता है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले तक यह कमी 37 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि बिहार के ऊपर बना मानसूनी सिस्टम अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। हवा में नमी की भारी मात्रा मौजूद है और स्थानीय कारकों की वजह से रोजाना बादल बन रहे हैं। इसी कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव दिख रहे हैं, जहां एक तरफ कहीं भारी बारिश हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में सिर्फ बादलों की गरज और तेज हवाओं के साथ ही दिन बीत रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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