भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, बोले- सनातनी युवा को न्याय दिलाकर रहूंगा बिहार 2 घंटे पहले 2
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एंट्री ली है। उन्होंने भरत को सनातन का रक्षक बताते हुए उनके परिजनों से मिलने शाहपुर के बिटौली जाने का ऐलान किया है।

धीरेंद्र शास्त्री बिटौली जाने की तैयारी में

भोजपुर का बहुचर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामला अब एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बाबा बागेश्वर के नाम से भी जाना जाता है, इस मामले में खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वह जल्द ही भरत तिवारी के गांव शाहपुर स्थित बिटौली जाएंगे और उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करेंगे।

सनातनी युवा के समर्थन में उतरे बाबा

धीरेंद्र शास्त्री ने भरत तिवारी को सनातन और हिंदू समाज के लिए काम करने वाला एक समर्पित युवक बताया है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराधी भी है, तो उसे दंड देने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर करने के बाद भी प्रशासन ने भरत तिवारी पर गोलियां चलाईं, जो कि भारतीय संस्कृति, रामचरितमानस और शास्त्रों की मर्यादा के विरुद्ध है।

पदयात्रा का याद किया किस्सा

बाबा बागेश्वर ने भरत तिवारी के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि वह आरा से पैदल चलकर छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम पहुंचे थे। उनके अनुसार, भरत जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू समाज के हित में कार्य करने वाले व्यक्ति थे। इसीलिए बाबा इस घटना को केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि न्याय का बड़ा प्रश्न मान रहे हैं।

प्रशासन पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि भरत ने हथियार डाल दिए थे, बावजूद इसके पुलिस ने उसे मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, लेकिन लगातार बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

महापंचायत से बढ़ेगा दबाव

इस कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर आज भोजपुर में एक महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें 36 बिरादरी के लोग शामिल होंगे। सरकार ने हालांकि परिजनों पर दर्ज एफआईआर को हटाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। बाबा बागेश्वर के समर्थन और उनके गांव आने के ऐलान के बाद अब इस मामले की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर और तेज होने की पूरी संभावना है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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