उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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विचारों
आज की सुनवाई पर टिकी नजरें
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में महत्वपूर्ण सुनवाई होने वाली है। जस्टिस पंकज भाटिया और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ इस मामले पर विचार करेगी। बता दें कि आज की सुनवाई के लिए इस याचिका को कार्यसूची में 323 नंबर पर रखा गया है।
क्या है याचिकाकर्ताओं की मांग
अधिवक्ता मोहित अशोक द्वारा दायर जनहित याचिका में मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें की हैं:
- पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे कि सीबीआई, से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG के माध्यम से ऑडिट सुनिश्चित किया जाए।
SIT की जांच और भविष्य की राह
इस मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी (SIT) पहले से ही अपनी जांच कर रही है। अब तक की जांच के दायरे में केवल छोटे कर्मचारी ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि एसआईटी की जांच लगभग अंतिम चरण में है और माना जा रहा है कि बहुत जल्द इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।
कानूनी जानकारों का मानना है कि आज की सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण है। यदि न्यायालय इस मामले में सीबीआई जांच के निर्देश देता है, तो एसआईटी की जांच की प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर बड़ा असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में बड़ी वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं, जिसकी तह तक पहुंचना आवश्यक है। श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की गरिमा से जुड़े इस मामले में अब सबकी निगाहें कोर्ट के रुख पर टिकी हैं।
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