पनवेल में केमिकल मिले पानी का कहर: 7 गायों की मौत, महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं महाराष्ट्र 2 महीने पहले 81
महाराष्ट्र के पनवेल में जहरीले पानी के सेवन से पशुओं की मौत और स्थानीय निवासियों की सेहत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बीजेपी विधायक ने सदन में इस लापरवाही के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

पनवेल में जहरीले पानी से मची तबाही

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले पनवेल में प्रदूषण का एक डरावना मामला सामने आया है। डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले रसायनों के कारण क्षेत्र के जलस्रोत पूरी तरह विषाक्त हो चुके हैं। इस जहरीले पानी के सेवन से एक घंटे के भीतर ही 7 गायों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 19 अन्य गायें गंभीर रूप से बीमार हो गई हैं। यह घटना क्षेत्र में पशुपालन और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट पैदा कर रही है।

इंसानी स्वास्थ्य पर भी गंभीर संकट

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल प्रदूषण की यह समस्या केवल पशुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर इंसानों पर भी पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें मिसकैरेज के मामले और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा शामिल है। प्रदूषित पेयजल ने निवासियों के जीवन को खतरे में डाल दिया है।

विधायक ने सदन में खोली प्रशासन की पोल

हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मुद्दे को स्वयं बीजेपी विधायक विक्रांत पाटिल ने विधान परिषद में उठाया। उन्होंने सिडको प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा कि डंपिंग स्टेशन पर बिना किसी सावधानी के खतरनाक केमिकल फेंके जा रहे हैं। विधायक ने सबूत के तौर पर मृत गायों की तस्वीरें और पानी की लैब जांच रिपोर्ट भी सदन में पेश की। जांच में सामने आया है कि पानी में प्रदूषण का स्तर तय सीमा से कई गुना अधिक है और ऑक्सीजन का स्तर लगभग शून्य हो गया है।

राजनीतिक खींचतान और सरकार का रुख

इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गौमाता की रक्षा का दावा करने वाली सरकार के राज में गायें जहरीला पानी पीकर मर रही हैं और आम महिलाएं बीमार हो रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री भरत गोगावले ने कहा है कि उद्योग विभाग को तत्काल जांच और प्रदूषण पर लगाम लगाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने स्पष्ट किया है कि यह एक बहु-विभागीय मामला है और शहरी विकास, सिंचाई तथा पर्यावरण विभाग मिलकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

सुरक्षित वातावरण की मांग

पनवेल में रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छ जल और सुरक्षित वातावरण अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। जब तक प्रशासन इस जहरीले कचरे और प्रदूषित पानी की समस्या का ठोस समाधान नहीं निकालता, तब तक जनता का गुस्सा बढ़ता रहेगा। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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