उपनाम: पर्यावरण संकट
महाविनाश का अलार्म! अंटार्कटिका से अचानक गायब हुई 20 लाख स्क्वायर किमी बर्फ, वैज्ञानिक हैरान
अंटार्कटिका में तेजी से पिघलती समुद्री बर्फ ने वैज्ञानिकों को बड़ी चिंता में डाल दिया है। एक नई रिसर्च के अनुसार, यहां से करीब 20 लाख स्क्वायर किलोमीटर बर्फ गायब हो चुकी है, जिससे साल 2100 तक वैश्विक समुद्र स्तर में भारी बढ़ोतरी का खतरा पैदा हो गया है।
पनवेल में केमिकल मिले पानी का कहर: 7 गायों की मौत, महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं
महाराष्ट्र के पनवेल में जहरीले पानी के सेवन से पशुओं की मौत और स्थानीय निवासियों की सेहत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बीजेपी विधायक ने सदन में इस लापरवाही के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
कभी लहराता था समुद्र, अब फैला है रेगिस्तान: सिर्फ 30 साल में जहाजों की जगह क्यों दौड़ने लगे ऊंट?
कभी दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अंदरूनी समुद्र रहा अरल सागर महज तीन दशकों में सूखकर रेगिस्तान में बदल गया। नदियों का पानी खेती की ओर मोड़ देने की एक योजना ने इस विशाल जलाशय को तबाह कर दिया।
मांसाहार की बढ़ती दीवानगी ने खड़ा किया नया खतरा, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने चौंकाया
एफएओ की नई रिपोर्ट बताती है कि बीते 60 सालों में प्रति व्यक्ति मांस की सालाना खपत 25 किलो से बढ़कर 47 किलो पहुंच गई है, और इस बढ़ती मांग से पर्यावरण पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
पलामू में हर साल बढ़ती तपिश: प्रकृति के साथ इंसानी लापरवाही भी जिम्मेदार, कहीं रेगिस्तान न बन जाए यह इलाका
कभी जंगलों और जल स्रोतों के लिए जाना जाने वाला पलामू आज तेजी से बढ़ते तापमान से जूझ रहा है। विशेषज्ञ जंगलों की कटाई और घटते जल स्रोतों को मुख्य कारण मानते हुए इसे मरुस्थलीकरण की प्रारंभिक चेतावनी बता रहे हैं।