हरियाणा के तीन IAS अधिकारियों के घर देर रात CBI की दबिश, जानें कौन हैं ये अफसर हरियाणा एक घंटा पहले 2
हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों से जुड़े 645 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई ने तीन आईएएस अधिकारियों समेत छह ठिकानों पर छापेमारी की। मामले में पहली बार जांच एजेंसी आईएएस अफसरों के आवास तक पहुंची है।

हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों से जुड़े 645 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एक अन्य निजी बैंक से संबंधित घोटाले की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में बीते रविवार की देर रात केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीमों ने राज्य के तीन आईएएस अधिकारियों मोहम्मद शाइन, पंकज अग्रवाल और प्रदीप कुमार के आवासों पर दबिश दी।

छह ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

सीबीआई ने नोएडा की एक निजी कंपनी सहित कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई संपत्ति की जांच के मकसद से की गई। रविवार देर रात एजेंसी ने चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में छह अलग-अलग जगहों पर एक साथ दबिश दी। हरियाणा सरकार के आठ विभागों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के दो विभागों के सरकारी फंड में कथित गड़बड़ी को लेकर यह छापेमारी की गई।

किन अधिकारियों के घर पहुंची टीम

सीबीआई ने हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल, मोहम्मद शाइन, प्रदीप कुमार और आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव के आवासों पर छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक पंचकूला के डीएलएफ वैली स्थित प्रदीप कुमार के घर पर भी टीम पहुंची, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं मिले।

छापेमारी में मिले अहम सबूत

कार्रवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों की पड़ताल के बाद घोटाले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर नए खुलासे सामने आ सकते हैं। सीबीआई ने पंचकूला, चंडीगढ़ और नोएडा में यह छापेमारी अभियान चलाया। खास बात यह है कि इस मामले में जांच एजेंसी ने पहली बार आईएएस अफसरों के घर पर छापा मारा है।

पांच अधिकारियों की भूमिका की जांच को मिली थी मंजूरी

उल्लेखनीय है कि हरियाणा की सैनी सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत राज्य के पांच आईएएस अधिकारियों पंकज अग्रवाल, विनीत गर्ग, मोहम्मद शाइन, आरके सिंह और प्रदीप कुमार की भूमिका की जांच के लिए सीबीआई को अनुमति दी थी।

दो अधिकारी पहले ही निलंबित

राज्य सरकार पहले ही आरके सिंह और प्रदीप कुमार को निलंबित कर चुकी है। इससे पहले इस घोटाले की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की अलग से जांच कर रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि सीबीआई ने तीन अन्य आईएएस अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए भी अनुमति मांगी है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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