पाली में फायर सेफ्टी पर सख्ती: NOC नहीं तो होटल, कोचिंग और मैरिज हॉल होंगे सीज राजस्थान एक महीने पहले 22
दिल्ली अग्निकांड के बाद पाली नगर निगम ने 6 से 20 जून तक विशेष फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया है, जिसमें बिना फायर NOC वाले होटल, कोचिंग सेंटर और मैरिज हॉल्स को सीज करने की तैयारी है।

दिल्ली के एक होटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इसी हादसे से सबक लेते हुए स्वायत्त शासन विभाग के निर्देश पर पाली नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर में 6 जून से 20 जून तक एक विशेष फायर सेफ्टी जांच अभियान शुरू किया गया है। प्रशासन का अल्टीमेटम साफ है—अगर व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम दुरुस्त नहीं पाया गया, तो होटल, कोचिंग सेंटर और आलीशान मैरिज हॉल्स को तत्काल सीज कर दिया जाएगा।

उप निदेशक के आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई

स्वायत्त शासन विभाग की उप निदेशक डॉ. गरिमा शर्मा की ओर से जारी कड़े आदेशों के बाद पाली में यह बड़ी कार्रवाई शुरू हुई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जो भी संस्थान बिना वैध फायर NOC (No Objection Certificate) के चल रहे हैं, उनके खिलाफ राजस्थान नगर पालिका अधिनियम-2009 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके परिसरों को जब्त किया जाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि शहर के अधिकांश बड़े होटलों, कोचिंग सेंटरों और बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों के पास फिलहाल वैध फायर एनओसी नहीं है।

कबाड़ बन चुके उपकरण

चिंताजनक स्थिति यह है कि जिन कुछ संस्थानों में आग बुझाने के उपकरण लगे भी हैं, वे लंबे समय से उचित रखरखाव के अभाव में कबाड़ में बदल चुके हैं। हाल ही में नया बस स्टैंड के पास एक होटल में लगी आग के दौरान यह पोल खुली थी कि वहां न तो पर्याप्त संसाधन मौजूद थे और न ही कोई फायर अलार्म चालू हालत में था।

निगम टीम इन बिंदुओं पर कर रही जांच

इस विशेष अभियान के तहत निगम की टीम मुख्य रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं की पड़ताल कर रही है:

  • वैध फायर NOC: एनओसी की उपलब्धता और उसके समय पर रिन्यूअल की मौजूदा स्थिति।
  • आपातकालीन निकास: संकट के समय सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कम से कम दो सुरक्षित मार्ग।
  • स्पष्ट संकेतक: निकास मार्गों पर चमकीले और साफ दिखने वाले ‘EXIT’ बोर्ड।
  • गैस सिलेंडरों का उपयोग: रूफटॉप रेस्टोरेंट और किचन में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के अवैध या असुरक्षित उपयोग की जांच।
  • इलेक्ट्रिकल सेफ्टी: इलेक्ट्रिकल पैनल रूम, पुरानी वायरिंग की स्थिति और बिजली की ओवरलोडिंग की जांच, ताकि शॉर्ट सर्किट के खतरों को टाला जा सके।

पुरानी जांचें ठंडे बस्ते में, जनता नाराज

यह पहली बार नहीं है जब पाली में ऐसी जानलेवा खामियां सामने आई हैं। इससे पहले भी कई बार जांचों में नामी होटलों और कोचिंग सेंटरों में गंभीर कमियां मिली थीं, लेकिन महज कागजी खानापूर्ति के बाद फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी गईं। यही वजह है कि शहरवासी इस बार सिर्फ ‘दिखावे के अभियान’ के बजाय लापरवाह प्रबंधकों के खिलाफ सख्त, स्थायी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आयुक्त की दो टूक चेतावनी

नगर निगम पाली के आयुक्त नवीन भारद्वाज ने स्पष्ट कहा है कि अभियान के दौरान छोटे-बड़े सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और उसे सीधे सीज किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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