झारखंड
2 घंटे पहले
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विचारों
आज के दौर में ओलंपियाड परीक्षाएं विद्यार्थियों की प्रतिभा, तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और किसी विषय की गहरी समझ को परखने का अहम मंच बन चुकी हैं। इन परीक्षाओं के जरिए बच्चे सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें जटिल समस्याओं को सुलझाने, नई अवधारणाओं को आत्मसात करने और प्रतिस्पर्धी माहौल में खुद को साबित करने का मौका मिलता है। पलामू के कई होनहार विद्यार्थियों ने गणित, विज्ञान, कंप्यूटर, सामान्य ज्ञान सहित अलग-अलग विषयों की ओलंपियाड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है।
कई वर्षों से बेहतरीन प्रदर्शन की परंपरा
इसी सिलसिले में पलामू स्थित डेडीकेटेड प्रीमियर स्कूल पिछले कई वर्षों से ओलंपियाड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं हर साल विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड परीक्षाओं में हिस्सा लेते हैं और उल्लेखनीय कामयाबी हासिल करते हैं।
विद्यालय के छात्र अश्मित सम्राट ने गणित ओलंपियाड में अंतरराष्ट्रीय रैंक-1 हासिल कर 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार जीता था। वहीं छात्रा अद्विका आर्ची ने कंप्यूटर ओलंपियाड में 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार पाकर अपनी प्रतिभा साबित की। छात्रा अनन्या कुमारी को 1 हजार रुपये का पुरस्कार मिला, जबकि छात्र नमन कुमार को जीके ओलंपियाड में गिफ्ट वाउचर प्रदान किया गया। इनके अलावा कई अन्य विद्यार्थियों ने भी मेडल, प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार और गिफ्ट वाउचर अपने नाम किए हैं।
दो बार मिल चुका है पुरस्कार
विद्यालय की छात्रा अद्विका आर्ची ने बताया कि वह पहली कक्षा से ही ओलंपियाड परीक्षाओं में भाग लेती आ रही हैं। उनके मुताबिक ओलंपियाड के सवाल सामान्य पाठ्यक्रम से अलग और अधिक रोचक होते हैं, जो बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को निखारते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उन्हें दो बार 5-5 हजार रुपये का पुरस्कार मिल चुका है। उनका मानना है कि विद्यार्थियों के दिमाग को तेज करने का सबसे अच्छा माध्यम ओलंपियाड ही है।
72 देशों के विद्यार्थी लेते हैं हिस्सा
विद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्वेता कुमारी ने बताया कि साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह दुनिया के सबसे बड़े ओलंपियाड कार्यक्रमों में से एक है, जिसमें 72 देशों के विद्यार्थी भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि पलामू के बच्चे लगातार टॉप-5 और टॉप-10 रैंक में अपनी जगह बना रहे हैं और अश्मित सम्राट का अंतरराष्ट्रीय रैंक-1 हासिल करना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।
चलाई जाती हैं विशेष कक्षाएं
विद्यालय में ओलंपियाड परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाओं का संचालन किया जाता है। विषय विशेषज्ञ शिक्षक विद्यार्थियों को अतिरिक्त मार्गदर्शन देते हैं, मॉडल टेस्ट आयोजित किए जाते हैं और समय-समय पर उनकी प्रगति का आकलन किया जाता है। यही वजह है कि यहां के विद्यार्थी लगातार बेहतर नतीजे हासिल कर रहे हैं। प्राचार्य ने कहा कि हर बच्चे में अद्भुत क्षमता मौजूद होती है, बस उसे सही दिशा और अवसर देने की जरूरत होती है।
स्कूल और शिक्षकों को भी मिले सम्मान
उन्होंने आगे बताया कि विद्यालय के लिए यह भी गर्व की बात है कि ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत कई छात्राओं को विशेष गर्ल्स स्कॉलरशिप मिली है। छात्रा शांभवी त्रिवेदी को 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार मिला था। वहीं विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. श्वेता कुमारी को ‘बेस्ट प्रिंसिपल अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा कई शिक्षकों को भी उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय के अध्यक्ष इंजीनियर विनय मेहता को ओलंपियाड की ओर से ‘बेस्ट स्कूल’ का मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है।
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