पलामू का टूनटुनिया पहाड़: जहां पत्थरों से गूंजती है टन-टन की आवाज, सुनकर हैरान रह जाएंगे आप झारखंड एक महीने पहले 21
झारखंड के पलामू जिले में स्थित टूनटुनिया पहाड़ गर्मी के मौसम में पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। प्राकृतिक सुंदरता, ठंडे वातावरण और पत्थरों से निकलने वाली रहस्यमयी ध्वनि के कारण यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ऐसी जगहों की तलाश में निकल पड़ते हैं, जहां प्राकृतिक ठंडक के साथ खूबसूरत नजारे और सुकून भरा माहौल मिल सके। झारखंड के पलामू जिले में मौजूद टूनटुनिया पहाड़ ठीक ऐसी ही एक अनूठी पर्यटन स्थली है, जो अपनी प्राकृतिक छटा और रहस्यमयी खासियत की वजह से सैलानियों को अपनी ओर खींचती है। हर साल बड़ी तादाद में लोग यहां घूमने और प्रकृति का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं।

नाम के पीछे छिपी दिलचस्प कहानी

पड़वा प्रखंड में स्थित इस पहाड़ की सबसे बड़ी विशेषता यहां के पत्थर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब दो पत्थरों को आपस में टकराया जाता है, तो उनसे साफ-साफ टन-टन की आवाज निकलती है। इसी अनोखी ध्वनि के चलते इस जगह का नाम टूनटुनिया पहाड़ पड़ गया। वर्षों से यह रहस्य लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है, हालांकि अब तक इस ध्वनि के पीछे का वैज्ञानिक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है।

गर्मी में भी ठंडक का अहसास

तपती गर्मी के दिनों में भी टूनटुनिया पहाड़ का वातावरण बेहद सुखद बना रहता है। चारों तरफ फैली हरियाली, पहाड़ियों की खूबसूरत श्रृंखला और सदाबह नदी का शांत प्रवाह यहां के मौसम को सुहावना बना देता है। पहाड़ के आसपास बहने वाली ठंडी हवाएं लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाती हैं, यही वजह है कि इस मौसम में यहां पर्यटकों की आमद बढ़ जाती है।

झरना और नदी बढ़ाते हैं रौनक

टूनटुनिया पहाड़ के पास स्थित सिखिया खोरी झरना भी सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय है। गर्मी के दिनों में लोग यहां पहुंचकर झरने के आसपास वक्त बिताते हैं और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं। वहीं, सदाबह नदी का किनारा पिकनिक मनाने और परिवार के साथ समय गुजारने के लिए बेहतरीन ठिकाना माना जाता है।

आस्था और पर्यटन का संगम

करीब 250 से 300 फीट ऊंची इस पहाड़ी के शिखर पर भगवान शिव का मंदिर स्थित है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। प्राकृतिक वातावरण के बीच बना यह मंदिर धार्मिक आस्था और पर्यटन का सुंदर मेल प्रस्तुत करता है।

मेले और पिकनिक का प्रमुख केंद्र

मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि और रक्षाबंधन जैसे अवसरों पर यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा नए साल के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक हर साल सैकड़ों पर्यटक इस अनूठे स्थल को देखने पहुंचते हैं।

कैसे पहुंचें टूनटुनिया पहाड़

यह पहाड़ पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर है। मेदिनीनगर से पड़वा मोड़ होते हुए पाटन मार्ग पर मान आहार मोड़ से बाईं ओर नहर के रास्ते लगभग 4 किलोमीटर का सफर तय कर यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यदि आप गर्मी की छुट्टियों में प्रकृति की गोद में कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो पलामू का टूनटुनिया पहाड़ आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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